कुचामन में एक व्यापारी को फेसबुक पर अंजान महिला से दोस्ती करना महंगा पड़ गया, इस दोस्ती ने उसे 48 लाख की ठगी का शिकार बना दिया। हालांकि कुचामन पुलिस की सतर्कता से ठगों के मंसूबे ज्यादा दिन तक कामयाब नहीं रहे। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी महिला और उसका साथी अभी भी फरार हैं।
कुचामन थानाधिकारी सतपाल सिंह सिहाग ने बताया कि स्थानीय व्यापारी महेश रामचंद्रका को कुछ महीने पहले फेसबुक पर अमुक्ता चंद्रा नाम की एक महिला से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। इसके बाद उनके बीच धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ी और बातचीत व्यापार तक पहुंच गई।
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महिला ने व्यापारी को कम कीमत पर लोहे के सरिए, ईंटें और अन्य निर्माण सामग्री दिलवाने का झांसा दिया। आकर्षक और सस्ती डील के लालच में आकर व्यापारी ने महिला द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 48 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिनों बाद जब महिला ने और पैसों की मांग की तो व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने 10 मार्च को कुचामन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही कुचामन पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी सतपाल सिंह सिहाग के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें हेड कांस्टेबल रामदेव पुरी, गजेंद्र सिंह, महिला कांस्टेबल नंद कंवर और साइबर एक्सपर्ट ताराचंद शामिल थे। पुलिस जांच में पता चला कि व्यापारी से ठगे गए 27 लाख रुपये पहले वंदना पीआर और श्रीजीत आर नायर के खातों में भेजे गए, फिर वहां से फेडरल बैंक के एक खाते में ट्रांसफर कर चेक के जरिए निकाले गए।
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इस आधार पर पुलिस ने केरल के कोझिकोड से श्रीजीत आर नायर, मिथुन टीपी और वंदना पीआर को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस ठगी की मास्टरमाइंड महिला और उसका एक साथी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। कुचामन पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
थाना प्रभारी सतपाल सिंह सिहाग ने जानकारी देते हुए बताया कि यह एक सुनियोजित साइबर ठगी का मामला है, जहां सोशल मीडिया के जरिए पहले विश्वास जीता गया और फिर लाखों की ठगी की गई। हमारी टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी की तलाश जारी है।
उन्होंने आम जनता से अपील की है कि अंजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सतर्क रहें। ऑनलाइन बड़े लेन-देन करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और शक होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान दोस्ती से पहले सावधान रहें, क्योंकि एक क्लिक लाखों के नुकसान तक पहुंचा सकती है।