धिलावटी चौकी क्षेत्र के लेवड़ा मोड़ पर सांसद रंजीता कोली पर हमला होने का मामला सामने आ रहा है। सांसद का कहना है कि फेसबुक पर जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची थीं। जहां खनन माफियाओं ने उनपर हमला किया। जिसके बाद सांसद ने खुद अपने समर्थकों और सुरक्षा गार्ड के साथ सड़क पर ही धरना दिया। सांसद समर्थकों द्वारा पुलिस पर अवैध खनन को बढ़ावा देने और पैसे खाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
सांसद रंजीता कोली भी वीडियों में बता रही हैं कि उनके पास 200 गाड़ियों की सूचना मिली थी। परंतु जब वो मौके पर पहुंचीं तो उन्होंने देखा कि 100 गाड़ियों द्वारा माल ले जाया जा रहा था। सांसद का कहना है कि जब उन्होंने रोकने का प्रयास किया तो पथराव किया गया और एक डंपर द्वारा उनकी गाड़ी को टक्कर मारी गई। परंतु उस समय सांसद गाड़ी में नहीं थीं। पथराव के समय बचने के लिए सांसद को भी अपने समर्थकों के साथ खेतों में भागना पड़ा।
सांसद के अनुसार डंपर वालों को कोई भय नहीं था। सांसद का आरोप है कि पुलिस चौकी मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है, पर पुलिस को आने में 45 मिनट का समय लगा। सांसद के समर्थकों द्वारा पुलिस पर ग्रामीणों पर दबाव बनाना और शराब पीकर पुलिसकर्मियों के आने के आरोप लगाए गए हैं। सांसद द्वारा एक गाड़ी के ड्राइवर को भी पकड़ा गया जो कि वीडियों में मुकर गया कि उसने टक्कर नहीं मारी। हालाकि भारी पथराव की बात कही जा रही है।
इधर, जयपुर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में जन सुनवाई के दौरान मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास बोले कि सांसद को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। कोई उनपर हमला कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा कि सांसद को जब भी कोई करवाई के लिए जाना है, तो लोकल पुलिस को भी सूचना देनी चाहिये। जिससे पुलिस सुरक्षा का इंतजाम किया जा सके। वहीं आज पहली बार मंत्री जाहिदा खान भी अवैध खनन के बारे में बोलीं कि कोई अवैध खनन नहीं हो रहा है। मंत्री ने अपने बेटे के लिए कहा कि व्यापार करना कोई जुर्म नहीं है। हमारे पास लीज है और वैध खनन करते थे। जब खनन बंद हुआ तो हमने भी बंद कर दिया है।