राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने आरएएस 2018 और 2021 की परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा है। सांसद मीणा ने मंगलवार को एक पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि 2018 और 2021 में सामने आए आरएएस की परिणामों को अगर देखें तो 30 से 40 फीसदी फर्जी आरएएस बने हैं। इसके खिलाफ मैं एसओजी या पुलिस में मुकदमा दर्ज कराऊंगा।
सांसद मीणा ने आरएएस परीक्षा में खाली कॉपी छोड़ने के बावजूद एक अभ्यर्थी की कॉपी कैसे भर गई, इसे लेकर भी सवाल उठाया। सांसद ने बताया कि आरएएस 2018 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका जांचने में जमकर भ्रष्टाचार हुआ था। भर्ती में बड़े स्तर पर धांधली हुई। जिसमें आरपीएससी चैयरमेन की भी भूमिका रही। इनके साथ आरपीएससी सदस्य शिवसिंह राठौड़ मुख्य किरदार में थे। मुख्य परीक्षा संपन्न होने के बाद एमडीएस विश्वविद्यालय अजमेर के बृहस्पति भवन के सभागार और विक्रमादित्य भवन में ऑन स्क्रीन जांचने का काम शुरू किया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि गोविन्द सिंह डोटासरा के निजी रिश्तेदारों को लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में अनुचित लाभ पंहुचाया गया। डोटासरा के रिश्तेदार परिवार के छह अभ्यर्थियों का आरएएस 2018 परीक्षा में अंतिम चयन हुआ। डोटासरा ने अपने इन रिश्तेदारों को साक्षात्कार में अंक दिलवाने के लिए आरपीएससी सदस्य शिवसिंह राठौड़ को अच्छे अंक देने के लिए कहा। इस पर शिव सिंह राठौड़ ने कहा कि आप आरपीएससी अध्यक्ष भूपेन्द्र यादव से कहकर मेरा बोर्ड बनाने के लिए कहें।
कांग्रेसी नेताओं पर रसूख का प्रयोग करने का आरोप