सांसद दीया कुमारी ने रविवार को राजसमंद संसदीय क्षेत्र के डेगाना तहसील में आपातकाल के समय जेल में रहे मीसाबंदी कार्यकर्ताओं का सम्मान कर अभिवादन किया। इस अवसर पर आपातकाल पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। दीया कुमारी ने कहा, मीसांबदी आजाद भारत के स्वतंत्रता सेनानी हैं, जिन्होंने संविधान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
उन्होंने कहा, 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा के साथ ही सभी नागरिकों के मौलिक अधिकार खत्म कर दिए गए थे। अभिव्यक्ति का अधिकार ही नहीं, लोगों के पास जीवन का अधिकार भी नहीं रह गया था। दीया कुमारी ने कहा, साल 1975 में आज ही के दिन कांग्रेस पार्टी ने अपने स्वार्थ के लिए भारत के महान लोकतंत्र पर कुठाराघात कर देश पर आपातकाल थोपा था। मैं उन सभी पुण्यात्मा सत्याग्रहियों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं, जिन्होंने आपातकाल की अमानवीय यातनाओं को सह कर भी देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में सहयोग दिया था। स्वर्गीय दादी जी महारानी गायत्री देवी जी, जो की एक जन प्रतिनिधि थीं और मेरे स्वर्गीय पिताजी महावीर चक्र से सम्मानित भवानी सिंह जी को भी जेल में रखा गया।
इस दौरान साथ में जिला संगठन प्रभारी पुखराज पहाड़िया, जिलाध्यक्ष एवं नागौर विधायक मोहनराम चौधरी, जिला महामंत्री रमेश अपूर्वा, जिला उपाध्यक्ष हेमराज दिवाकर, जिला मंत्री शिवजी देशवाल, किसान मोर्चा अध्यक्ष मदन गौरा, जिला कोषाध्यक्ष बीरदीचंद तोषनीवाल, जिला उपाध्यक्ष रामकिशोर पचारिया, दिलीप सिंह बच्छवारी सहित समस्त मंडल अध्यक्ष और डेगाना क्षेत्र के मीसाबंदी और कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।