राजस्थान के दौसा जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने का कार्यक्रम चार फरवरी को तय हो चुका है। राज्य सभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि उनके पास उच्च स्तरीय अधिकारियों से सूचना प्राप्त हुई है कि प्रधानमंत्री चार फरवरी को मीणा हाई कोर्ट में एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहेंगे।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के अनुसार प्रधानमंत्री पहले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। बताया जा रहा है कि ये देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे है। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के लोकार्पण में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहेंगे। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के अनुसार इस एक्सप्रेसवे के कारण दिल्ली से जयपुर का सफर अब मात्र दो घंटे में पूरा हो सकेगा, कई ग्रामीण इलाकों को इसका लाभ मिल सकेगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे राजस्थान के सात जिलों की 18 तहसीलों के 265 गांवों की सीमा से होकर गुजरेगा। अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाईमाधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा जिले से होकर गुजरेगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निर्माण भारतमाला परियोजना के पहले चरण के तहत किया जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत 34,800 किमी का राष्ट्रीय राजमार्ग प्रस्तावित है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री दौसा जिले नांगल में मीणा हाईकोर्ट पहुंचेंगे, जहां पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के अनुसार यह सभा हाल ही में भीलवाड़ा के आसींद में हुई सभा से भी विशाल होगी। भीलवाड़ा की सभा में तीन लाख लोग पहुंचे थे, दौसा जिले नांगल में मीणा हाईकोर्ट में पांच लाख लोगों के पहुंचने की सम्भावना जतायी जा रही है।
फरवरी में मीणा सामाज का वार्षिक कार्यक्रम
हर साल फरवरी में मीणा हाई कोर्ट में सामाज का वार्षिक कार्यक्रम होता है, जिसमें लाखों की संख्या में मीणा समाज के लोग हिस्सा लेते हैं, इस बार यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के आने से और विशेष होने की उम्मीद राज्य सभा सांसद को लग रही है। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का कहना है कि प्रधानमंत्री का समाज के बीच आना सामाज के लिए गौरव की बात है। 2018 में भी प्रधानमंत्री मोदी मीणा हाई पहुंचे थे जहां पर उनका भव्य स्वागत किया गया था।
राजनीतिक फायदे और मकसद
2018 के चुनाव में गुर्जर और मीणा समुदाय के बीच एक मौखिक समझौता हुआ था, जिसके अंतर्गत गुर्जर समाज का मुख्यमंत्री बनने की चर्चा थी। इसलिए दोनों समुदाय के लोगों द्वार गुर्जर प्रत्याशियों को समर्थन दिया गया था। लेकिन अब यह करार टूट चुका है और प्रधानमंत्री के द्वार पहले गुर्जर समाज को साधा गया और अब मीणा समाज की महापंचायत में पहुंच कर मीणा समाज को साधने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका सीधा असर 2023 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है। मीणा समाज भी राजस्थान की राजनीति में अहम भूमिका रखता है, समाज एकजुट होकर वोटिंग करता है तो 30 से ज्यादा सीटों पर अपना प्रभाव रखता है। प्रधानमंत्री मोदी के द्वार एक सप्ताह में ही प्रदेश के दो बड़े समुदाय को साधना भाजपा के लिए चुनाव में बड़ा फेरबदल कर सकता है।
चुनावी कमान प्रधानमंत्री ने अपने हाथ में ले ली
प्रधानमंत्री मोदी के ताबड़तोड़ राजस्थान दौरे से चुनावी हलचल शुरू हो गई है। मोदी जी सभाएं भले ही राजनीतिक सभा नहीं हो परंतु इनका सीधा प्रभाव चुनाव पर होना तय है। पीएम जिस प्रकार राजस्थान पर फोकस कर रहे हैं यह दर्शाता है कि पूरी कमान उनके ही हाथ में रहने वाली है, जिस प्रकार से राजस्थान में भाजपा की जन आक्रोश रैली की दुर्गति हुई थी, उसके बाद से प्रधानमंत्री ने सीधे रूप से राजस्थान की कमान अपने हाथ में ले ली है।