धौलपुर के बाड़ी विद्युत निगम कार्यालय में एईएन और जेईएन के साथ हुई बेरहमी से मारपीट के मामले में घायल एईएन ने पुलिस को पर्चा बयान दिया है। घायल एईएन के पर्चा बयान के आधार पर बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और वार्ड नंबर दो के पार्षद प्रतिनिधि समीर खान के खिलाफ मारपीट और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए एईएन हर्षदापति ने बताया कि सोमवार सुबह 12 बजे विद्युत निगम कार्यालय में मीटिंग के दौरान कांग्रेस पार्टी से बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और उसके साथ 5-6 लोग उनके दफ्तर में घुस आए। जहां विधायक ने घुसते ही कुर्सी उठाकर एईएन पर दे मारी। जिसके बाद विधायक और उसके साथ पहुंचे लोगों ने जातिसूचक गालियां देते हुए महुआ खेड़ा गांव से ट्रांसफार्मर उतारने पर धमकी देते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की। थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया गया है कि मारपीट के बाद जब एईएन विधायक के सामने गिड़गिड़ाया तो उसके साथ मौजूद एक युवक ने एईएन के सिर पर कट्टा लगा दिया।
क्रिकेट बैट से पैर तोड़ने का आरोप
मारपीट करने के बाद विधायक और उसके साथी निगम कार्यालय से बाहर चले गए। पीड़ित ने बताया कि विधायक के बाहर निकलने के पांच मिनट बाद ही फिर से विधायक और उसके साथ वार्ड नंबर दो का पार्षद प्रतिनिधि फिर से उनके कार्यालय में घुस गए। जहां एमएलए ने एईएन की गर्दन पर पैर रख उसके बाल खींचे। इसी दौरान एमएलए के साथ मौजूद पार्षद प्रतिनिधि समीर खान ने क्रिकेट के बैट से उसके पैर तोड़ दिए।
बाड़ी विधायक-बोले मारपीट के बाद पहुंचा था निगम कार्यालय, एईएन भ्रष्टाचार के आरोप
मारपीट के 12 घंटे बाद एईएन के पर्चा बयान पर दर्ज कराए गए मुकदमे पर बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने उनके ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। बाड़ी विधायक ने बताया कि विद्युत निगम द्वारा उनके क्षेत्र में भ्रष्टाचार फैलाया गया था। जिससे नाराज जनता ने एईएन की पिटाई की। उन्होंने बताया कि दोनों अधिकारियों के पिटने की खबर मिलते ही वह मौके पर पहुंचे थे। जहां उन्हें दोनों अधिकारी गंभीर हालत में मिले।