कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भीलवाड़ा में दिए गए भाषण पर पलटवार करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बोल बिगड़ गए, शेखवात ने कहा ये सनातन मिटाने की बात करते हैं। तेरा बाप खिलजी, गौरी, गजनबी भी आया था, लेकिन सनातन को मिटा नहीं सका।
बाड़मेर में भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन संकल्प यात्रा के दौरान जिले के धोरीमन्ना में हुई जनसभा में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अशोक गहलोत सरकार को लेकर विवादित बयान दिया है।
गजेंद्र सिंह ने कहा वैचारिक रूप से मानसिक रूप से सनातनियों को कमजोर करने का षड्यंत्र कौन कर रहा है? जो काम औरंगजेब कर रहा था, जो काम अलाउद्दीन खिलजी कर रहा था। वह काम आज राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार कर रही है। हिंदुओं का दमन करके इस सनातन को मिटाने की चर्चा कर रही है।
तेरे बाप खिलजी आए थे, गौरी आए, गजनवी आए, सनातन नहीं मिटा सके...
शेखवात ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा था कि मोदी जीते तो सनातन मजबूत हो जाएगा और इस सनातन को हमें हराना है। उन्होंने कहा कि तेरे बाप वहां से खिलजी आए थे, गौरी आए, गजनवी आए, कुषाण, हूण, तुर्क, अरब आए, यमन आए, खलीफा आए थे। औरंगज़ेब और ऐसे लोग भी आए थे। उसके बाद में डच, फ्रांसीसी, पुर्तगाली और अंग्रेज आए थे, लेकिन यह भगवाधारी यहां पर बैठे हुए हैं, इनके आशीर्वाद से सनातन मिटा नहीं, ये (खरगे) आज सनातन मिटा देंगे। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर दिए गए शेखावत के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में खासा बवाल मचा हुआ है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भाजपा की ओर से मारवाड़ में 5 सितंबर से शुरू की गई परिवर्तन संकल्प यात्रा के तहत जैसलमेर से होते हुए बाड़मेर पहुंचकर शिव, चौहटन, गुड़ामालानी विधानसभा में आयोजित जनसभाओं में प्रदेश सरकार, कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर जमकर जुबानी हमला बोला। इसी के चलते बुधवार को परिवर्तन यात्रा गुड़ामालानी विधानसभा के धोरीमन्ना पहुंची। जहां पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भीलवाड़ा में केंद्र सरकार पर हमले के जवाब में बोलते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने विवादित बयान देते हुए कहा कि देश में यमन, तुर्क, खलीफा, मुगलों के बाद डच, फ्रांसीसी और अंग्रेज भी आए, तेरा बाप खिलजी, गजनबी, औरंगज़ेब भी आया, लेकिन यहां भगवाधारियों के आशीर्वाद से सनातन धर्म को मिटा नहीं सके, तो ये क्या सनातन धर्म को मिटाएंगे?