राजस्थान के स्कूली शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी को सुर्खियों और विवादों मेंं रहना पसंद है। ताजा मामले में देवनानी ने चुपके से अकबर के घर का पता ही बदलवा दिया है। मंत्री जी अजमेर उत्तर से ही विधायक है और अपने रसूख का इस्तेमाल वह इतिहास को बदलने में ज्यादा कर रहें है। अजमेर में स्थित अकबर का किला जो कि इतिहासविदों के अनुसार मुगल सम्राट अकबर, जहांगीर व शाहजहां का घर रहा है मंत्री जी ने क्षेत्र के एसडीएम को निर्देश देकर किले का नाम ही बदल दिया है। अभी तक यह फोर्ट अकबर के किला के नाम से जाना जाता रहा है लेकिन अब यहां पर अजमेर का किला और संग्राहालय का बोर्ड लगा दिया गया है।
खास बात यह है कि इस फोर्ट को भारतीय पुरातत्व विभाग संरक्षित स्मारक है। विभाग के दस्तावेजों में इसे अकबर का किला ही लिखा गया है। वहीं जानकारी के अनुसार इस किले का निर्माण अकबर ने 1570 में कराया था। जबकि से ही इसे अकबर का किला के नाम से जाना जाता है। यहां तक सरकार की ओर से 12 दिसंबर 1968 को जारी एक नोटिफिकेशन में भी इसे अकबर का किला ही कहा गया है। लेकिन मंत्री जी इतिहास को बदलने पर आमादा दिख रहें है। यही नहीं उन्होंने इस फोर्ट का नाम बदलने के लिए ना तो किसी विभाग की सलाह ली और ना ही अपनी ही सरकार को विश्वास लिया।