हनुमानगढ़ जिले में एक विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। विवाहिता ने भादरा थाने में अपने फौजी पति, सास-ससुर और ननद के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज करवाया है। विवाहिता ने बताया, ससुराल वाले उसको कम दहेज लाने का ताना देकर प्रताड़ित करने के साथ ही उसके साथ मारपीट करते थे। ससुराल वाले कार खरीदने के लिए पीहर पक्ष से 12 लाख रुपये लाने की डिमांड कर रहे थे। पति ने डिमांड पूरी नहीं होने तक उसकी नौकरी के कागजात में पत्नी के रूप में उसका नाम लिखवाने से इनकार कर दिया।
बता दें कि सईम अख्तर (26) पुत्री सिकंदर अली निवासी मोतीपुराबास ने भादरा थाने में दर्ज मुकदमे में बताया, उसकी शादी 12 जून 2019 को इरफान अली पुत्र सफी मोहम्मद खान निवासी मलसीसर (झुंझुनू) के साथ हुई थी। इरफान की भारतीय सेना में नौकरी है, ऐसे में उसके पिता ने अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज दिया था। उन्होंने पूरी शादी में करीब 35 लाख रुपये खर्च किए थे।
शादी के कुछ दिन बाद उसका पति, सास-ससुर और ननद शबीना बानो ताने देने लगे कि तेरे पिता ने कार के तीन लाख रुपये दिए हैं। जबकि अच्छी कार 15 लाख रुपये में आती है। अपने पिता से 12 लाख रुपये और लाकर दे।
विवाहिता ने बताया, जब वह अपने पीहर गई और इस बारे में अपने पिता को बताया तो उन्होंने उसके ससुराल पक्ष के लोगों को समझाया कि शादी में काफी खर्चा हो गया है और अभी उनके पास रुपये नहीं है। कुछ रुपये होते ही वह उनको दे देंगे। इसके बाद इरफान अपनी ड्यूटी पर चला गया और पीछे से सास-ससुर और ननद दहेज के लिए उसको परेशान करने के साथ ही मारपीट करने लगे।
जब इरफान वापस छुट्टी पर आया तो उन्होंने तय किया कि जब तक उसके पीहर वाले 12 लाख रुपये नहीं देंगे, तब तक आर्मी के डॉक्यूमेंट में सईम का नाम इरफान की पत्नी के तौर पर नहीं जुड़वाएंगे। उसके पीहर पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों से मिन्नतें की, लेकिन ससुराल वालों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।