लड़ाकू विमान मिग-27 बाड़मेर जिले में मंगजर प्रोसेसिंग टर्मिनल (एमपीटी) नागाणा से केवल डेढ़ किलोमीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह घटना मंगलावार शाम चार बजे हुई। इस हादसे में दों लोगों को चोटें आई हैं।
हादसे में विमान के पायलट विंग कमांडर निशिकांत सिंह बाल-बाल बच गये। वह विमान के गिरने से कुछ समय पहले पायलट पैराशूट से कूद गये थे और दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र से 500 मीटर की दूरी पर उतरे।
वायुसेना स्टेशन से उड़ान भरने के बाद यह लड़ाकू विमान महज पांच किलोमीटर दूर अलाणियों की ढाणी बांदरा में एक खेत में गिर गया। जमीन पर गिरने के बाद विमान में आग लग गई और इसका मलबा एक किमी क्षेत्र में फैल गया। विमान का ईधन टैंक करीब एक घंटे तक जलता रहा। टैंक विमान के मुख्य मलबे से 200 मीटर दूर गिरा था।
तब एयर फोर्स स्टेशन उत्तरलाई व एमपीटी से पहुंची दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू किया। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार इस मामले की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दे दिया गया है। ब्लैक बॉक्स की जांच के बाद दुर्घटना के कारण का पता चलेगा।
इस दुर्घटना के बावजूद भी एक बड़ा हादसा होने से बच गया। विमान एमपीटी नागाणा से दूरी पर गिरा, यहां हजारों लोग कार्यरत हैं। एमपीटी में मंगला और भाग्यम ऑयल फील्ड से निकले कच्चे तेल की प्रोसेसिंग की जाती है। विमान के मलबे से एक घर क्षतिग्रस्त हुआ है और दो लोग घायल हुये हैं।
भारतीय वायु सेना का मिग-27 बेहतरीन लड़ाकू विमान माना जाता है, लेकिन इसके इंजन को लेकर मुश्किलें सामने आती रहती हैं। भारत द्वारा सातवें दशक में खरीदे 976 मिग विमानों में से आधे से ज्यादा के साथ दुर्घटना हुई है।