दो जुड़वां बच्चियों के जन्म पर खुशी, दुख और फिर खुशी का ऐसा क्रम चला कि सब हैरान रह गये। चौमूं शहर के राजकीय सामूदायिक अस्पताल में एक महिला ने पहले दो जुड़वां बेटियों को जन्म दिया, परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। थोड़ी ही देर में यह खुशी मातम में बदल गई जब चिकित्सकों ने बच्चियों को मृत घोषित कर दिया।
दोनों बच्चियों के शव को श्मशान ले जाया गया। लेकिन अंतिम क्रिया से पहले ही एक बच्ची किलकारियां मारने लगी। इस घटना ने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया। लेकिन इस घटना से डॉक्टरों की लापरवाही भी सामने आई है। इसकी जांच के लिये एक कमेटी का गठन भी किया गया है।
यह घटना राजकीय सामुदायिक अस्पताल में सोमवार सुबह की है। यहां जाटावाली निवासी नीतेश शर्मा की पत्नी विमला ने जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया। डॉ. बीएल शर्मा ने परिजनों को बताया कि विमला ने जुड़वां लेकिन मृत बच्चियों को जन्म दिया है। तब अस्पताल कर्मचरियों ने दोनों के शव एक पैकेट में रखकर परिजनों को दे दिये। परिजन शवों को लेकर गांव के श्मशान गये जहां एक बच्ची के जिंदा होने का पता चला।
इस घटना में लापरवाही बरतने के चलते संबंधित डॉक्टर, नर्स और वॉर्ड बॉय को नोटिस जारी किया गया है और एक जांच टीम बनाई गई है। डॉक्टरों का इस संबंध में कहना है कि नवजात शिशु के मृत प्रतीत होने वाली इस अवस्था को हाइबरनेशन कहा जाता है। इसमें सांस रूकी होती है और दिल की धड़कन धीमी चलती है। परीक्षण में शिशु मृत प्रतीत होता है।