फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोटा: मॉस्को में हुई शख्स की मौत, आदिवासी रीति-रिवाजों के खिलाफ वहीं दफना दिया गया 

Fri, 31 Dec 2021 11:09 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

पत्नी ने मास्को में भारतीय दूतावास की सलाह से मॉस्को से अपने पति के शव को लाने और भारत में परिवहन की व्यवस्था करने के लिए एक रूसी अधिकारी को अधिकृत करने की मांग की थी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक स्थानीय कांग्रेस नेता का कहना है कि 46 वर्षीय राजस्थान के मूल निवासी जिसकी कुछ महीने पहले मॉस्को में मृत्यु हो गई थी, उसे कथित तौर पर उनके आदिवासी रीति-रिवाजों के खिलाफ वहां दफना दिया। कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने कहा कि रूसी अधिकारियों ने उदयपुर निवासी हितेंद्र गरासिया के शव को दफन कर दिया, उनकी पत्नी की याचिका राज्य के हाई कोर्ट में लंबित थी, जिसमें केंद्र को परिवार द्वारा हितेंद्र के अंतिम संस्कार के लिए उसके शव को भारत वापस लाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

विज्ञापन


शर्मा ने गरासिया की पत्नी आशा के वकील सुनील पुरोहित को लिखे ई-मेल के आधार पर यह दावा किया। यह पत्र राजस्थान हाई कोर्ट के लिए भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राजदीपक रस्तोगी के कार्यालय से पुरोहित को कथित तौर पर ई-मेल किया गया था। शर्मा ने कहा कि ई-मेल में पावर ऑफ अटॉर्नी की एक मसौदा प्रति भी संलग्न है। शर्मा ने कहा कि आशा ने मॉस्को में भारतीय दूतावास की सलाह से मॉस्को से अपने पति के शव को लाने और भारत में परिवहन की व्यवस्था करने के लिए एक रूसी अधिकारी को अधिकृत करने की मांग की थी।  

पत्र में आशा से विधिवत हस्ताक्षरित और नोटरीकृत पावर ऑफ अटॉर्नी की मांग की गई थी ताकि गरासिया के शव को भारत लाने के लिए निकुलिंस्की अंतर-जिला जांच विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को अधिकृत किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें