एक दूसरे से मिलते मंत्री जोशी और नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़।
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जयपुर के श्री गोविंद देव जी मंदिर के सत्संग भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक धीरज कृष्ण शास्त्री महाराज ने श्री ध्रुव चरित्र और श्री प्रहलाद चरित्र के महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया।
श्रीमद् भागवत कथा में जलदाय मंत्री और हवामहल विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. महेश जोशी, अनिल बड़ाया, संजय बड़ाया परिवार सहित उपस्थित रहे। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ भी कथा श्रवण के लिए पहुंचे। मंत्री जोशी और राठौड़ ने साथ बैठकर कथा श्रवण का आनंद लिया। इससे पहले दोनों ने हाथ भी मिलाया।
महाराज ने कथा के दौरान बताया कि भक्ति की कोई निश्चित आयु सीमा नहीं होती है, बल्कि व्यक्ति बचपन में ही उस श्रेष्ठ भक्ति की ओर अग्रसर हो सकता है। बचपन उस कच्ची मिट्टी की तरह होता है, जिसे किसी भी रूप में आकार दिया जा सकता है।
शास्त्री जी ने बताया कि व्यक्ति के कर्म ही उसके भविष्य को आकार देते हैं, और जैसा कर्म होता है वैसा ही परिणाम होता है और मनुष्य उसी के अनुसार मृत्यु भी प्राप्त करता है। महान धार्मिक चरित्र ध्रुव के सत्कर्मों और ईश्वर में उनकी अटूट श्रद्धा के परिणामस्वरूप उन्हें वैकुंठ लोक प्राप्त हुआ। पुरुषोत्तम मास की एकादशी के चलते शुक्रवर को कथा सुनने के लिए सत्संग भवन में श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे थे। मधुर भजनों की रसगंगा से पूरा सत्संग भवन गूंज उठा।