दरअसल, आदिवासी नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय के स्वागत के लिए बांसवाड़ा में भाजपा कार्यालय के बाहर सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के अलावा मालवीय के समर्थक मौजूद थे। दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुई यह सभा शाम 5:30 बजे तक चली। सभा के दौरान मालवीय ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
राम को नहीं मानेंगे यह कैसे हो सकता है
मालवीय ने कहा- अयोध्या में रामलला का मंदिर बन गया है। लेकिन, इसके ताले राजीव गांधी ने खोले थे। काग्रेस के पास दिमाग था या इसमें भूसा भरा था। वह कहते भाइयो, मंदिर बन गया है, जिसे दर्शन करने हैं, उसे मंदिर में जाना चाहिए। कांग्रेस को सबको रामलला के दर्शन करने की छूट देनी चाहिए थी। लेकिन, यह लोग कहते हैं मंदिर नहीं जाना चाहिए। आदिवासी सुबह उठकर अपने पिता को भी राम-राम कहता है और ये कहते हैं राम को मत मानो, राम काल्पनिक है। अरे, बांसवाड़ा में तो बेणेश्वर धाम है, मां त्रिपुरा सुंदरी हैं। अब यहां भगवान को नहीं मानेंगे यह कैसे हो सकता है।
मोदी लहर में चुनाव क्यों नहीं जीत सकते?
सभा के दौरान मालवीय ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा-'वो तो पागल है'। मेरे भाजपा में शामिल होने पर उन्होंने कांग्रेस कार्यालय में कहा कि मेरी जॉइनिंग से कांग्रेस कांप गई है। वे कहते हैं मैंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार किया। अगर, मैं ऐसा करता तो कांग्रेस 4 सीटें कैसे जीत जाती। रघुवीर मीणा लोगों से कहते हैं कि मुझे मालवीय ने हरा दिया। अरे, वो तो कई साल से हार रहे हैं। मैं पीएम नरेंद्र मोदी की लहर में चुनाव जीतकर विधायक बना, मैं जीत सकता हूं तो तुम क्यों नहीं जीत सकते।
तो मैं भी मंत्री होता
मालवीय ने कहा- मैंने कांग्रेस को बाय-बाय कर दिया है। भगवान पहले सद्बुद्धि दे देता तो बाबूलाल खराड़ी की तरह मैं भी आज सरकार में मंत्री होता। लेकिन, वो काम मेरे से नहीं हुआ। इसमें मैं चूक गया।