दिनेश ने कविता को श्यामवीर के साथ देखा तो वह बौखला गया। पहले तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर श्यामवीर और उसके साथी की जमकर पिटाई लगाई, फिर उन्हें बंधक बना लिया। इधर, देर रात तक श्यामवीर घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसे कॉल किया, लेकिन उसका फोन बंद आ रहा था। बाद में परिजनों ने चिकसाना पुलिस को सूचना दी। परिजन रातभर श्यामवीर को तलाश करते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चला। सोमवार सुबह श्यामवीर के घर कॉल आया। उधर से बात कर रहे युवक ने कहा कि श्यामवीर को अगवा कर लिया है। 3 लाख रुपये लेकर वृंदावन आओ।
श्यामवीर के 18 साल के बेटे सचिन ने पिता के अगवा होने की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस की एक टीम श्यामवीर के बेटे को लेकर वृंदावन के लिए रवाना हुई। श्यामवीर के फोन पर अपहरणकर्ता से बात की और रुपये लेकर आने की सूचना दी गई। जिसके बाद कमल मंदिर फिरौती की रकम लेने पहुंचे आरोपी दिनेश और उसके साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद श्यामवीर और उसके साथी को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुक्त कराया। आरोपियों से पूछताछ के बाद इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
पुलिस गिरफ्त में पकड़े गए चारों आरोपी।
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पुलिस ने बताया कि आरोपी की प्रेमिका कविता टोंक की रहने वाली है। 13 साल पहले उसकी एक युवक से शादी हुई थी, लेकिन करीब तीन साल पहले उसका निधन हो गया। इसके बाद वह वापस अपने मायके लौट गई। जहां उसके पड़ोस में रहने वाले मजदूर दिनेश मीणा से कविता के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। दिनेश पहले से शादीशुदा था और दो बच्चों का पिता था। ऐसे में वह करीब तीन साल पहले कविता को लेकर मथुरा के वृंदावन आ गया। दिनेश ने ओमेक्स बिल्डिंग में एक फ्लैट किराए पर लिया और उसे कविता को रहने के लिए दे दिया। जहां वह कविता से मिलने के लिए अक्सर आता रहता था।
दिनेश और कविता की जिंदगी अच्छी चल रही थी। करीब नौ महीने पहले कविता भरतपुर आई। इस दौरान उसकी मुलाकात किराना व्यापारी श्यामवीर से हुई। दोनों की मुलाकात दोस्ती में बदली और फिर वे एक दूसरे पर फोन पर बात करने लगे। कुछ दिन बाद श्यामवीर कविता के बुलाने पर वृंदावन भी जाने लगा। हर महीने वह कविता को खर्च के लिए रुपये भी भेजता था। श्यामवीर और दिनेश दोनों ही शादीशुदा थे, इसलिए वह कविता के साथ नहीं रह रहे थे। कविता के सब कुछ अच्छी तरह से मैनेज कर रही थी। एक जनवरी को श्यामवीर अपने साथी के साथ वृंदावन पहुंच गया। इसी बीच दिनेश भी अपने साथियों के साथ वहां आ गया।
कविता को श्यामवीर के साथ देख दिनेश बौखला गया। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर श्यामवीर और उसके दोस्त की जमकर पिटाई लगाई। इससे बचने के लिए श्यामवीर ने दिनेश को रुपये का लालच दिया। इस पर दिनेश ने उससे तीन लाख रुपये देने की बात कही। इसके बाद श्यामवीर ने अपने बेटे सचिन को फोन कर जान का खतरा बताया और तीन लाख रुपये वृंदावन लाने को कहा। लेकिन, यह मामला पुलिस के पास पहुंच गया और फिर पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने हनीट्रैप के मामले में कविता मीणा, दिनेश मीणा, रामकेश बैरवा, और विजय बैरवा को गिरफ्तार किया है।