राजस्थान में चुनावी जीत के आंकड़े गवाह हैं कि एंटी इनकम्बैंसी की मार सबसे अधिक विधायकों पर ही पड़ती है। पिछले विधानसभा चुनाव में सत्ता धारी कांग्रेस ने अपने 105 उम्मीदवारों को टिकट दिया था, जिन्होंने 2008 में भी चुनाव लड़ा था, लेकिन इनमें से केवल 14 ही जीत पाए थे।
इससे पूर्व वर्ष 2008 के चुनाव में सत्ताधारी भाजपा ने 68 उन उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था, जिन्होंने वर्ष 2003 में भी चुनाव लड़ा था, लेकिन इनमें से केवल 28 उम्मीदवार ही जीते थे। यही नहीं, भाजपा सरकार में मंत्री रहे 13 उम्मीदवार व विधायक रहे 40 उम्मीदवारों की करारी हार हुई। इन आंकड़ों से भाजपा सबक लेती है तो टिकट जारी करते समय घमासान होना तय नजर आ रहा है।