बोरखेड़ा थाना एएसआई मोहम्मद हुसैन ने बताया कि सुसाइड नोट और अन्य सबूतों के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस मेल ड्राइव में सेव ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
राजस्थान के कोटा जिले के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में एक युवक ने मानसिक तनाव के चलते अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 35 वर्षीय युवक दुष्यंत पांडे देवाशीष सिटी में अपने माता-पिता के साथ रहता था और प्राइवेट नौकरी करता था। वह दो बहनों का इकलौता भाई था।
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घटना गुरुवार दोपहर की है, लेकिन परिजनों को इसकी जानकारी शुक्रवार को मिली। जब दुष्यंत सुबह तक भी कमरे से बाहर नहीं आया। परिजनों ने ऊपर जाकर देखा तो कमरे की कुंडी अंदर से बंद थी। दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो वह पंखे से लटका था। तुरंत उसे नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
आठ पेज के नोट में चार ने नाम सुसाइड के जिम्मेदार
दुष्यंत ने आत्महत्या से पहले 8 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें चार लोगों नरेंद्र नागर, रवि तिवारी (कोटा निवासी), शंकर राय और रामभगत (लाखेरी निवासी) पर पैसों के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में दुष्यंत ने यह भी बताया कि उसने अपनी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मेल ड्राइव में सेव की हैं। सुसाइड नोट में उसने ईमेल आईडी और पासवर्ड भी उल्लेख किया है।
पांच के 15-20 लाख रुपये वसूले
मृतक के पिता उमेश पांडे ने बताया कि दुष्यंत ने एक समय किसी से 5 लाख रुपये कर्ज लिया था, जिसे वह ब्याज सहित चुका चुका था। इसके बावजूद नरेंद्र नागर और रवि नामक युवक कई वर्षों से उसे ब्लैकमेल कर रहे थे और अब तक उससे 15 से 20 लाख रुपये वसूल चुके थे। उन्होंने यह भी बताया कि इन लोगों ने उनकी दुकान पर कब्जा कर लिया और घर का सामान भी उठा ले गए।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की शुरू
बोरखेड़ा थाना एएसआई मोहम्मद हुसैन ने बताया कि आत्महत्या के मामले में सुसाइड नोट और अन्य सबूतों के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मेल ड्राइव में सेव ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।