आय से अधिक संपत्ति जमा करने वाले तहसीलदार पत्नी और उप रजिस्ट्रार पति।
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झालरापाटन के झालावाड़, जयपुर, उदयपुर में स्थित विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक हेमन्त प्रियदर्शी ने बताया कि ब्यूरो मुख्यालय की ओर से रायसिंह मोजावत के खिलाफ शिकायत का वेरिफिकेशन इन्टेलिजेंस ब्रांच और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी झालावाड़ भवानी शंकर मीणा ने किया। आय से अधिक संपत्तियां अर्जित करने का मामला पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक एसीबी कोटा आलोक श्रीवास्तव के सुपरविजन में एसीबी के अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोटा विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में ब्यूरो की
झालावाड़, जयपुर, कोटा, बूंदी, बारां और उदयपुर की 11 टीमों का गठन किया गया।
वैध आय से अधिक कई संपत्तियां बनाईं
शुक्रवार सुबह उनके विभिन्न ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की गई। ब्यूरो की प्रथम सूचना रिपोर्ट के प्राथमिक एनालिसिस और अब तक मिले दस्तावेजों के अनुसार रायसिंह मोजावत उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियाँ, झालावाड और उनकी पत्नी अस्मिता सिंह तहसीलदार, झालरापाटन द्वारा अनेक परिसम्पत्तियां अर्जित करने का अनुमान है, जो उनकी वैध आय से अधिक है।
झालावाड़ ,उदयपुर ,जयपुर में करोड़ों रुपए कीमत की कई बेनामी संपत्तियां खरीदीं
आरोपी उप रजिस्ट्रार और उनकी पत्नी ने अपनी वैध इनकम को झालावाड़, जयपुर और उदयपुर सहित विभिन्न शहरों में आवासीय, कॉमर्शियल भूखंडों, कृषि भूमि और गोल्ड ज्वेलरी आदि में निवेश किया हुआ है। तलाशी में आरोपी अधिकारी के ठिकानों से 6 प्लॉट जयपुर, झालावाड़, उदयपुर में मिले, जबकि 3 आवासीय मकान झालावाड़ में फार्म हाउस, अमझार पैलेस, दर्रा जिला कोटा कुंभलगढ़ में 6.25 बीघा जमीन सहित परिजनों और रिश्तेदारों के नाम कई बेनामी संपत्तियों के मूल दस्तावेज मिले हैं। जिनकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये में है। इसके अलावा 315 ग्राम सोने के आभूषण भी मिले हैं। एसीबी के आईजी पुलिस सवाई सिंह गोदारा के निर्देशन में एसीबी की टीम की ओर से आरोपियों के ठिकानों की तलाशी जारी है। बैंक लॉकर्स की तलाशी में और ज़्यादा सम्पत्तियों का पता चलने की संभावना है।