कोटा में छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं। यहां दो अलग-अलग घटनाओं में दो छात्रों की मौत हो गई है। इनमें से एक मृतक छात्र के परिवार ने हॉस्टल अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने एक घटना को आत्महत्या बताया है।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का 16 वर्षीय छात्र कोटा में रहकर प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कर रहा था। रविवार रात कमरे में उसका शव मिला। वह जवाहर नगर पुलिस थाना क्षेत्र के महावीर नगर-1 में एक पेइंग गेस्ट आवास में रहता था। छात्र छह महीने पहले परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा आया था। सर्किल इंस्पेक्टर मुकेश मीना ने बताया कि छात्र ने रविवार दोपहर एक संस्थान में मॉक परीक्षा दी थी। इसके बाद वो PG रूम में आ गया। जब घर वालों ने उसे फोन किया तब उसने कोई जवाब नहीं दिया। बार-बार खटखटाने पर भी उसने दरवाजा नहीं खोला। पुलिस ने शव को MBS अस्पताल पहुंचाया और परिवार को सूचित किया।
आत्महत्या की जांच
मृतक के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के पीछे का कारण अभी पता नहीं चला है। मीना ने बताया कि पोस्टमार्टम चल रहा है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंपा जाएगा। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरे छात्र की मौत
दूसरी घटना में बिहार के दरभंगा का 19 वर्षीय अभ्यर्थी गौतम कुमार शामिल है। वह शनिवार रात कुन्हाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र के लैंडमार्क इलाके में अपने हॉस्टल के बाथरूम में बेहोश मिला। उसे MBS अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, गौतम करीब दो साल से कोटा में रह रहा था। वो प्रतियोगी परीक्षाओं में पास होने के लिए दो प्रयास कर चुका था।
परिवार ने लगाए लापरवाही के आरोप
गौतम के परिवार के सदस्यों ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया है। उसके चचेरे भाई अखिलेश ने मीडिया से कहा कि हॉस्टल का कोई भी व्यक्ति कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल अधिकारियों ने छात्र की अनुपस्थिति पर ध्यान नहीं दिया। परिवार ने हॉस्टल प्रबंधन में कथित चूक और समय पर हस्तक्षेप न होने का आरोप लगाया। उन्होंने हॉस्टल अधिकारियों की लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। सर्किल इंस्पेक्टर देवेश भारद्वाज ने बताया कि पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अभी मौत के कारण पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।