कोटा में नेताओं से हुई चुनावी बहस।
- फोटो : अमर उजाला
Satta Ka Sangram: अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' 7 अप्रैल को राजस्थान के कोटा में पहुंच चुका है। यहां का हालचाल लेकर हम आप तक लोकसभा क्षेत्र की असल तस्वीर सामने रखेंगे। यहां शाम को दोनों दलों के नेताओं से चर्चा के दौर में तीखी बहस देखने को मिली।
हर समय उपलब्ध होने वाले नेता ओम बिरला
भाजपा कार्यकर्ता राकेश नायक ने कोटा के मुद्दों और विकास पर बात करते हुए कहा कि ओम बिरला ने हमेशा जनता की सेवा की है। हर समय उपलब्ध होने वाले नेता हैं। कोरोना के समय जब सभी नेता घरों में बैठे थे तब ओम बिरला जी लोगों का हाल जानने उनके पास पहुंच रहे थे और हर संभव मदद कर रहे थे। विकास देखाना है तो मेडिकल कॉलेज की स्पेशलिस्ट विंग हो या लोगों को दुर्घटना से बचाने के लिए ब्रिज का निर्माण हो ये सब ओम बिरला जी रहते ही हुआ है। पर्यटक की दृष्टि से भी विकास कार्य कराए गए।
जो भी विकास कार्य हुए हैं वो सब सांसद निधि से ही हुए
भाजपा समर्थक भंवर सिंह ने कहा कि काम न होना, विकास न होना इस तरह की जो बातें कर रहे हैं वो भ्रम फैला रहे हैं। यहां की जनता बिरला जी के कामों से बहुत खुश है। जो भी विकास कार्य हुए हैं वो सब सांसद निधि से ही हुए हैं। राज्य सरकार ने सिर्फ कमीशन के अलावा कोई काम नहीं किया। केंद्र से स्मार्ट सिटी का जो पैसा आया सारा विकास उसी से हुआ है। बिरला जी के सामने हम तो प्रहलाद गुंजल को कोई चुनौती नहीं मानते।
दो हजार से ज्यादा रोजगार मिला
कांग्रेस कार्यकर्ता आयुष मीणा ने कहा कि ये भाजपा वाले बस बड़ी बातें कर सकते हैं। मणिपुर का मुद्दा इनसे सुलट नहीं रहा और बात यूक्रेन युद्ध रुकवाकर छात्रों को लाने का दावा करते हैं। जबकि हकीकत ये है कोरोना काल में सबसे पहले राहुल गांधी ने मुद्दा उठाया था। रोजगार को लेकर सांसद जी ने कुछ नहीं किया। पांच साल अशोक गहलोत जी की सरकार थी। उस दौर में महंगाई राहत कैंप लगे, रीवर फ्रंट बना, सिटी पार्क बना इसमें दो हजार से ज्यादा रोजगार मिला है।