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राजस्थान: झालावाड़ में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले शख्स को 20 साल की कैद, जुर्माना भी लगाया, पढ़िए पूरा मामला

Wed, 12 Jan 2022 05:31 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

साल 2020 में झालावाड़ में एक नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले युवक को एक विशेष अदालत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के झालावाड़ जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के एक साल 2020 के मामले में विशेष अदालत ने 22 वर्षीय युवक को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों को सुरक्षा) अधिनियम अदालत ने दोशी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। युवक ने 16 साल की एक किशोरी से दुष्कर्म किया था। 

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पीड़िता के परिजनों ने उत्पीड़न और छेड़छाड़ का एक मामला भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज करवाया था। बाद में नाबालिग की ओर से दिए गए बयान के आधार पर  आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 161 और 164 के तहत दुष्कर्म के आरोप भी इसमें शामिल किए गए थे।

शहर की पॉक्सो कोर्ट 1 ने मंगलवार को भूपेंद्र सिंह उर्फ बिट्टू (22) को इस मामले में दोषी करार दिया। लोक अभियोजक रामहेतर गुर्जर ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोषी नाबालिग का पड़ोसी था। देर रात जब वह लघु शंका करने घर से बाहर निकली थी तब उसने उसके साथ दुष्कर्म किया था। 
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14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, 22 दस्तावेज पेश हुए
उन्होंने बताया कि पीड़िता के चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर पुलिस ने भूपेंद्र सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का का मामला दर्ज किया था और उसे गिरफ्तार कर लिया था। मामले में सुनवाई के दौरान कम से कम 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे और अदालत के सामने 22 दस्तावेज पेश किए गए थे। 

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मद्रास हाई कोर्ट ने भी दुष्कर्म के दोषी की मौत की सजा बरकरार रखी

इस बीच मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने सात वर्षीय दलित लड़की के साथ कथित रूप से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के जुर्म में 26 वर्षीय व्यक्ति को मौत की सजा देने के एक निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने अपने आदेश में यह साबित किया है कि यह मामला उन दुर्लभतम मामलों में से एक है, जिनमें मृत्युदंड दिया जा सकता है। मामले में आजीवन कारावास से कम कोई भी सजा देना अपर्याप्त है और इससे न्याय सुनिश्चित नहीं होगा।
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