राजस्थान के झालावाड़ जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के एक साल 2020 के मामले में विशेष अदालत ने 22 वर्षीय युवक को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों को सुरक्षा) अधिनियम अदालत ने दोशी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। युवक ने 16 साल की एक किशोरी से दुष्कर्म किया था।
पीड़िता के परिजनों ने उत्पीड़न और छेड़छाड़ का एक मामला भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज करवाया था। बाद में नाबालिग की ओर से दिए गए बयान के आधार पर आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 161 और 164 के तहत दुष्कर्म के आरोप भी इसमें शामिल किए गए थे।
शहर की पॉक्सो कोर्ट 1 ने मंगलवार को भूपेंद्र सिंह उर्फ बिट्टू (22) को इस मामले में दोषी करार दिया। लोक अभियोजक रामहेतर गुर्जर ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोषी नाबालिग का पड़ोसी था। देर रात जब वह लघु शंका करने घर से बाहर निकली थी तब उसने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, 22 दस्तावेज पेश हुए
उन्होंने बताया कि पीड़िता के चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर पुलिस ने भूपेंद्र सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का का मामला दर्ज किया था और उसे गिरफ्तार कर लिया था। मामले में सुनवाई के दौरान कम से कम 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे और अदालत के सामने 22 दस्तावेज पेश किए गए थे।