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Kota News: बूंदी नगर परिषद की सभापति मधु नुवाल निलंबित, सरकारी जमीन पर कब्जे और अतिक्रमण के आरोप

Thu, 29 Aug 2024 06:46 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

बूंदी नगर परिषद की सभापति मधु नुवाल को सरकारी जमीन पर कब्जा करने और अतिक्रमण करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। राजस्थान स्वायत्त शासन विभाग ने जांच के बाद प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर यह कार्रवाई की। नुवाल पर आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों के साथ मिली-भगत करके पद का दुरुपयोग किया।
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बूंदी में सभापति को किया गया निलंबित।
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विस्तार
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नगर परिषद की सभापति मधु नुवाल को पद का दुरुपयोग कर कर्मचारियों की मिली-भगत से सरकारी जमीन पर कब्जा करने और अतिक्रमण कर अनुचित लाभ लेने से संबंधी प्रकरण में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है। निदेशक एवं संयुक्त सचिव, स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान ने यह आदेश जारी किया है। आरोप है कि मधु नुवाल ही नहीं, उनके परिवारजन भी उनके पद की आड़ में बड़े भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए हैं। वहीं, कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने अचानक से किए गए निलंबन मामले में कहा कि कांग्रेस के सभापति के खिलाफ कार्रवाई अनुचित है, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती निलंबित करना सही नहीं है।
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राजस्थान डीएलबी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सभापति नगर परिषद बूंदी ने पद का दुरुपयोग कर सरकारी जमीन पर कब्जा करने और अतिक्रमण कर अनुचित लाभ लेने से संबंधी प्रकरण की उपनिदेशक (क्षेत्रीय) स्थानीय निकाय विभाग कोटा से जांच करवाई गई। डीडीआर कोटा द्वारा प्रेषित जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रथम दृष्ट्या पाया गया कि मधु नुवाल, सभापति नगर परिषद एवं कर्मचारियों द्वारा मिली-भगत करके सरकारी जमीन पर कब्जा करने व अतिक्रमण कर अनुचित लाभ ले रही हैं। विभाग की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर मधु नुवाल, सभापति नगर परिषद बूंदी को सुनवाई का अवसर देते हुए राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (1) के तहत स्पष्टिकरण नोटिस जारी किया गया।

मधु नुवाल ने विभागीय स्पष्टीकरण नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया। प्रकरण की जांच रिपोर्ट एवं प्राप्त स्पष्टीकरण नोटिस के जवाब तथ्यों से प्रथम दृष्टया पाया गया कि मधु नुवाल, सभापति नगर परिषद एवं कर्मचारियों द्वारा मिली-भगत करके सरकारी जमीन पर कब्जा कर अतिक्रमण किया गया है। इस प्रकार मधु नुवाल का उक्त आचरण और व्यवहार नगर परिषद के सभापति की पदीय हैसियत का दुरुपयोग है। यह राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (1) (घ) (i) (iii) (vi) के तहत कर्तव्यों के निर्वहन में अवचार एवं पद के अन्यथा दुरूपयोग तथा उसके प्रतिकूल आचरण और व्यवहार की श्रेणी में आता है। राज्य सरकार द्वारा मधु नुवाल के विरुद्ध राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (3) के तहत उपरोक्त प्रकरण की न्यायिक जांच करवाने का निर्णय लिया जाकर, प्रकरण को न्यायिक जांच के लिए विधि विभाग को प्रेषित किया जा चुका है।
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मधु नुवाल, सभापति नगर परिषद बूंदी के पद पर बने रहने से विचाराधीन न्यायिक जांच को प्रभावित करने की संभावना है। अतः श्रीमती मधु नुवाल के कृत्य / आचरण राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (1) (घ) (i) (iii) (vi) के तहत पाए जाने के कारण राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (6) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार श्रीमती मधु नुवाल सभापति नगर परिषद बूंदी को सदस्य (पार्षद) एवं सभापति के पद से तुरन्त प्रभाव से निलम्बित करती है।
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