कांग्रेस ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन
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राजस्थान के कोटा जिले में बन रहे भाजपा के नए कार्यालय को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर भाजपा नेता इस जमीन को अपना बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने भाजपा नेताओं को भूमाफिया बताते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी ने रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। इसी के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीआरएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपर मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की और कहा कि कांग्रेस रेलवे के साथ खड़ी है।
रेलवे की जमीन पर BJP कार्यालय बनाने का आरोप
कांग्रेस नेता विपिन बरथूनिया ने बताया कि 80 फीट रोड स्थित जिस जमीन पर भाजपा अपना कार्यालय बना रही है, वह रेलवे की जमीन है। उन्होंने दावा किया कि रेलवे पहले ही एक पत्र जारी कर इस जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए अवैध अतिक्रमण की बात कह चुका है।
उनके अनुसार रेलवे ने केडीए को लिखे पत्र में बताया था कि यह जमीन करीब 35 वर्ष पहले सड़क निर्माण के उद्देश्य से लीज पर दी गई थी, लेकिन बाद में केडीए ने इसे भाजपा कार्यालय के लिए आवंटित कर दिया। कांग्रेस ने इस आवंटन में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
'रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के हॉस्टल के लिए थी मंजूर'
विपिन बरथूनिया ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेज इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह जमीन रेलवे की है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में इस भूमि पर रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के लिए छात्रावास बनाने की योजना को मंजूरी दी गई थी और इसके लिए बजट में भी प्रावधान किया गया था। उनका आरोप है कि सरकार बदलने के बाद इस जमीन पर भाजपा कार्यालय का निर्माण शुरू कर दिया गया।
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'भाजपा भूमाफिया बन गई है'
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा अब भूमाफिया की तरह काम कर रही है और कोटा की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा करना चाहती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि इस मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में अन्य सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर भी कब्जे की कोशिशें बढ़ सकती हैं। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।