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Kekri News: फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बनेगी स्टूडेंट्स की यूनिक आईडी, दस्तावेजों का सत्यापन होगा आसान

Sat, 12 Oct 2024 04:24 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी

सार

सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों की पहचान करने के लिए उनकी एक 12 संख्या की यूनिक आईडी बनाई जाएगी। इसके पीछे विभाग का उद्देश्य विद्यार्थी को मिलने वाले लाभों में फर्जीवाड़े को रोकना है। इसे लेकर राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने आदेश जारी किए हैं।
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राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले वह सभी विद्यार्थी जो किसी भी प्रबंधन या बोर्ड से संबंधित हैं, उनका शैक्षणिक विवरण व उपलब्धि को एक साथ रखने को लेकर वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी के तहत 'अपार' (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) का कार्य शुरू किया गया है। इसमें सभी विद्यार्थियों की 12 अंकों की एक यूनिक आईडी यूडाईस प्लस पोर्टल के माध्यम से जनरेट होगी, जो विद्यार्थी के आजीवन यूनिक शैक्षणिक पहचान के रूप में उपयोग में ली जाएगी। इसके लिए विभाग ने ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए हैं। इस प्रकार विद्यार्थी का एक यूनिक नंबर जारी होने से डिग्री और डिप्लोमा के मामलों में फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकेगी।

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आईडी के लिए आधार होना आवश्यक

'अपार' आईडी के लिए विद्यार्थी के पास आधार कार्ड होना आवश्यक है। साथ ही यू डाइस प्लस पर विद्यार्थी का डाटा स्कूल द्वारा सत्यापित होना चाहिए। यू डाइस पोर्टल पर माता-पिता, अभिभावक का सही मोबाइल नंबर उपलब्ध होना भी आवश्यक किया गया है। जिन विद्यार्थियों का आधार कार्ड नहीं है, उन्हें आधार बनवाना पड़ेगा, इसके बिना अपार आईडी जेनरेट नहीं होगी।

यह होगा लाभ

इसके जरिये विद्यार्थी के शैक्षणिक इतिहास का विस्तृत व स्थायी अभिलेख बनाया जा सकेगा। इस आईडी को डिजिलॉकर से भी जोड़ा जाएगा, जहां विद्यार्थी से संबंधित समस्त सूचनाएं एक जगह मिल सकेंगी। इसी एक आईडी से स्थानांतरण, कौशल, नौकरी व उच्च शिक्षा आदि के लिए आवेदन किया जा सकेगा। 'अपार' को विद्यार्थी के शैक्षणिक क्रेडिट बैंक (एबीसी) से भी जोड़ा जा सकेगा। इस आईडी से भर्तियों में दस्तावेजों का आसानी से सत्यापन हो सकेगा। यदि कोई डिग्री फर्जीवाड़े से ली गई है तो उसे आसानी से पकड़ा जा सकेगा।

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