राजस्थान के करौली में एक मंदिर के पुजारी बाबूलाल वैष्णव के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने की घटना सामने आई है। इलाज के दौरान पुजारी ने दम तोड़ गिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी कैलाश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार इस घटना को जमीनी विवाद को लेकर अंजाम दिया गया था।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों में मंदिर जमीन को लेकर विवाद था। पुलिस के मुताबिक पुजारी बाबूलाल वैष्णव का परिवार 15 बीघा मंदिर की जमीन पर खेती करता था। इस पर आरोपी कैलाश, शंकर और नमो मीणा ने कब्जा कर लिया था।
पूरे मामले में पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की और जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस टीम ने 24 घंटे में मुख्य आरोपी कैलाश मीणा निवासी बूकना थाना सपोटरा को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
हालांकि सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि सपोटरा, करौली में बाबूलाल वैष्णव जी की हत्या अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है,सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं है।प्रदेश सरकार इस दुखद समय में शोकाकुल परिजनों के साथ है। घटना के प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अतिरिक्त कमिश्नर राहुल प्रसाद ने कहा कि मृतक के घरवाले मुआवजे की मांग कर रहे हैं, हम सरकार को इससे संबंधित प्रस्ताव भेज देंगे। राहुल प्रसाद ने बताया कि परिजन जांच में देरी करने के लिए स्थानीय पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं। राहुल प्रसाद ने कहा कि अगर कार्रवाई में पुलिस कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं तो 24 घंटे में ही उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
इसके अलावा मृतक के रिश्तेदार रमाकांत शर्मा का कहना है कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन हम चाहते हैं कि उसके पूरे परिवार को गिरफ्तार किया जाए और पुलिस कर्मचारियों को निष्क्रियता के लिए निलंबित कर देना चाहिए।
इस पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत की सरकार के तहत अपराधी मस्त है और जनता त्रस्त है। उन्होंने कहा कि किसी पुजारी को इस तरह जिंदा जलाने की कोशिश बताता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई है।