गर्मियों की शुरुआत के साथ ही जिले में पानी की समस्या गहराने लगी है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच जलदाय विभाग ने शहर के फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइप लाइनों के आवश्यक रखरखाव और सफाई के लिए 25 मार्च को जलापूर्ति बंद करने का निर्णय लिया है। इस दिन कायलाना, चौपासनी और सुरपुरा फिल्टर हाउस से जुड़े सभी क्षेत्रों में पानी नहीं मिलेगा।
जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मेहता ने बताया कि 25 मार्च को बंद की गई जलापूर्ति 26 मार्च को होनी थी लेकिन अब इसे 27 मार्च को किया जाएगा। इसी तरह 26 मार्च की जलापूर्ति 27 मार्च को और 27 मार्च की जलापूर्ति 28 मार्च को की जाएगी। इसके अलावा झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्रों, जैसे सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड, पाल बाईपास और शिल्पग्राम के आसपास के इलाकों में 25 मार्च को सुबह 10 बजे तक पानी मिलेगा। इसके बाद 26 मार्च को पानी नहीं आएगा और यह जलापूर्ति 27 मार्च को की जाएगी। इसी तरह 27 मार्च को पानी की सप्लाई 28 मार्च को की जाएगी।
इस जल संकट के बीच जलदाय विभाग ने अवैध जल कनेक्शनों के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीमें शहर और ग्रामीण इलाकों में अवैध जल कनेक्शनों की जांच कर रही हैं। पकड़े जाने पर दोषियों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं और उन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। विभाग का कहना है कि इस कदम से जलापूर्ति में सुधार होगा और लोगों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
हालांकि लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी भी है कि जलापूर्ति बंद करने का निर्णय गर्मी के मौसम में लिया गया है। नागरिकों का कहना है कि सर्दियों के दौरान जब पानी की खपत कम होती है, तब इस तरह का रखरखाव किया जाना चाहिए था। अब जब गर्मी चरम पर है और पानी की मांग बढ़ गई है, तब जलापूर्ति बाधित करना परेशानी बढ़ा सकता है।
इस दौरान जलदाय विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का सीमित उपयोग करें और जरूरत के अनुसार पानी स्टोर कर लें। जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए पानी की बर्बादी रोकने की भी सलाह दी गई है। साथ ही किसी भी असुविधा की स्थिति में विभाग से संपर्क करने का आग्रह किया गया है।