गांव के रहन सहन में इनोट ने अपने आप को भी बखूबी ढाल लिया
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भारतीय संस्कृति से रूबरू होने के लिए जैसलमेर आए रोमानिया निवासी इनोट को धोरों से लगाव हो गया है। पांच महीने हो गए है लेकिन, उनका यहां से जाने का मन नहीं करता। इनोट यहां रामदेवरा गांव में ग्रामीणों के साथ बहुत ज्यादा हिलमिल गए है। ग्रामीण भी इस अतिथि को पूरा सम्मान देते है।
इनोट ने बताया कि भारत के बारे में उसको महर्षि रमण की पुस्तक 'मैं कौन हूं' से जानकारी मिली। इसके बाद वह रोमानिया से सीधा चैन्नई पहुंचा। यहां से एक बाईक खरीदी और निकल पड़ा भारतीय संस्कृति को जानने के लिए। इनोट ने बताया कि वह अब तक दक्षिण भारत के तमिलनाडु,कर्नाटक राज्यों में घूमकर वहां की संस्कृति को जान चुका है।
इसके बाद वह जैसलमेर पंहुचा है तथा वहां घूमने के बाद रामदेवरा पंहुचा। यहां से वह जयपुर होते हुए दिल्ली जाएगा। इस दौरान भारत में विभिन्न जगहों पर संस्कृति के बारे में और भी ज्यादा जानकारी लेगा फिर इसके बाद नेपाल होते हुए अपने वतन जाएगा।