चुनावी समीकरणों को समझने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ आज जोधपुर पहुंचा। चुनावों को लेकर युवाओं के क्या विचार हैं, नई सरकार से उनकी क्या अपेक्षाएं हैं, इन्हीं बातों के साथ हमारी टीम ने दोपहर के सत्र में युवाओं से खास चर्चा की।
जो रोजगार देगा उसे ही देंगे वोट
लॉ स्टूडेंट रमेशचंद्र ने कहा कि प्रत्येक युवा चुनावों के दौरान यह उम्मीद करता है कि आने वाली सरकार उसके लिए रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराएगी लेकिन इसके उलट चुनावों में सारे वादे करने वाली पार्टियां चुनाव के बाद गायब हो जाती हैं। युवाओं ध्येय किसी एक को हटाकर दूसरे को लाना नहीं है। उन्हें रोजगार और विकास से मतलब है, जो इन पर काम करेगा वही सरकार में आएगा।
स्थाई रोजगार की है कमी
बैंककर्मी विक्रम सिंह का कहना है कि जो लोग काम नहीं करना चाहते उनके लिए हर जगह बेरोजगारी है। काम की कमी नहीं है लेकिन स्थाई तौर पर रोजगार के लिए सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए। यहीं पर मौजूद युवा मतदाता मोहन का कहना था कि युवाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या रोजगार की है। पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में देरी से युवाओं की उम्मीदें ध्वस्त होती हैं।
स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम सराहनीय है
चुनावों में रोजगार की समस्या को लेकर बात कर रहे युवाओं से अलग बी.टेक. के एक छात्र सोहन प्रजापत का कहना था कि प्रधानमंत्री ने कौशल विकास और स्टार्ट अप के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर दिए हैं लेकिन युवा केवल नौकरियों के पीछे भाग रहा है। पेपर लीक को लेकर एसओजी गठित किए जाने पर सरकार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसे आगे और काम करते रहना चाहिए।