जोधपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी करण सिंह उचियारड़ा ने अमर उजाला के साथ अपनी बातचीत में राम मंदिर से लेकर विकास की बातें कीं। करण सिंह ने पिछली कांग्रेस सरकार पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनका मानना है जो हुआ उसमें सिर्फ जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत की ही कमी है। आइए जानते हैं, राम को चुनाव मुद्दे से अलग बताते हुए करण सिंह ने क्या कहा...
सवाल: टिकट बंटवारे के समय कांग्रेस में एक भगदड़ मची हुई थी, कोई भी लड़ने को तैयार नहीं था, आज आप जीत का दावा कर रहे वो भी केंद्रीय मंत्री के सामने?
जवाब: करण सिंह बोले कि कौन सी भगदड़, मैंने तो पूरा दम लगाकर टिकट की मांग की थी। रही बात जीत के दावे की तो जोधपुर की जनता की मेहरबानी है, जिन्होंने 10 साल के गजेंद्र सिंह शेखावत के काम का एनालिसिस किया है, और काम नहीं तो वोट नहीं।
सवाल: BJP मोदी जी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है। मोदी कहते हैं निशान कमल का फूल है, कोई चेहरा नहीं वोट मोदी के चेहरे और काम को दो?
जवाब: जोधपुर के निर्माण के बिना राष्ट्र निर्माण कैसे संभव है, 10 साल में मोदी जी को जोधपुर की याद नहीं आई। अब लोग उनके चेहरे पर वोट क्यों दें, क्या किया है उन्होंने?
सवाल: वो कहते हैं राम मंदिर दिया, धारा-370 हटा दी, देश की सीमा सुरक्षित की हैं?
जवाब: धारा-370 हटा कर कोई एहसान नहीं किया है। ये जनसंघ के एजेंडा में था। राम मंदिर उन्होंने नहीं बनाया, राम मंदिर करण सिंह उचियारड़ा के चंदे से बना है। हमने 15 लाख का चंदा दिया है। मेरे दोस्त ने एक करोड़ का चंदा दिया है। राम मंदिर की नींव का पत्थर हम हैं। ये तो सिर्फ यश लेने वाले हैं, जब भाजपा का जन्म भी नहीं हुआ था, तब राजीव गांधी जी ने राम मंदिर के दरवाजे खोले थे। ये झूठे हैं एक नंबर के।
सवाल: राजीव गांधी ने दरवाजे खोले तो आप दर्शन करने गए थे?
जवाब: हां, 10 बार गया हूं। दर्शन करके आया हूं।
सवाल: BJP कहती है कांग्रेस ने तो कोर्ट में कहा था कि राम का अस्तित्व नहीं है?
जवाब: कौन कहता है? जो मैंने सुना नहीं और पढ़ा नहीं उस पर बात नहीं करूंगा। बिना राम के किसी हिन्दू के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। एक-एक सांस में राम हैं, राम मंदिर के 10 बार दर्शन किए हैं। ये ढोंगी हैं, ये क्या दर्शन करवाएंगे।
सवाल: जब राम मंदिर की मुद्दे पर पूरा चुनाव लड़ा जा रहा है तो आप किस तरीके से चुनौती देंगे?
जवाब: चुनाव में राम का कोई मुद्दा है ही नहीं और जो मुद्दा है वो मीडिया बना रहा है। ये मोदी का मीडिया है जो राम मंदिर का मुद्दा बना रहा है। राम के नाम पर पेट नहीं भरता, आस्था के नाम पर घर नहीं चलता, पिछले 40 साल से करण सिंह बिना राम का नाम लिए और माता जी का नाम लिए अन्य ग्रहण नहीं करता। ये मुझे क्या आस्था सिखाएंगे। आस्था का प्रतीक तो करण सिंह है। आपको अगर बात करनी है तो आप पूछो कितना विकास हुआ। कितनी यूनिवर्सिटी हैं और कितना क्या-क्या विकास हुआ। पूछो भाजपा से।
सवाल: आप बता दें कितना विकास हुआ?
जवाब: विकास के नाम पर जीरो है। कोई विकास नहीं हुआ पीने का पानी नहीं मिला।
सवाल: किसकी वजह से नहीं मिला पानी, राजस्थान में सरकार तो आपकी थी, भाजपा कहती है?
जवाब: जब जल संसाधन का मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत थे। उनका काम था कि वह पानी लेकर आते। अगर राज्य सरकार उनका काम अटका रही थी तो यह उनका फर्ज बनता था कि वो जाकर राज्य सरकार के पैर पकड़ते और पानी लेकर आते। अगर मेरा काम अटकेगा तो करण सिंह जाकर भजनलाल के पैर पकड़ेगा और जनता के काम करने की बात करेगा और फिर भी अगर नहीं मानेंगे तो फिर भीड़ को लेकर सड़क पर उतरेंगे।
सवाल: आप किन मुद्दों के ऊपर चुनाव लड़ने जा रहे हो?
जवाब: पीने के पानी, युवाओं के लिए रोजगार, जोधपुर में टूरिज्म का विकास।