राहुल गांधी की यात्रा के बाद कांग्रेस नेताओं के बीच आपसी गुटबाजी सामने आ रही है। कुछ दिन पहले पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर दिए बयान और बगावत पार्ट-3 में सरकार के खिलाफ बोलने वाली विधायक दिव्या मदेरणा पर पाली से पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ ने निशाना साधा। उन्होंने हरीश चौधरी और दिव्या मदेरणा दोनों नेताओं को स्वार्थी बताया।
शनिवार को सरकार के चार साल पूरे होने पर जोधपुर के सूचना केंद्र में विकास प्रदर्शनी की शुरुआत की गई थी। यहां पूर्व सांसद ब्रदीराम जाखड़ ने हरीश चौधरी के बयान पर पलटवार किया और कहा कि जिस हरीश चौधरी को सीएम अशोक गहलोत अंगुली पकड़कर राजनीति में लेकर आए, आज वही हरीश चौधरी जो बयान दे रहे हैं, वह उन्हें शोभा नहीं देता।
'चौधरी मेरे साथ ही चुनाव लड़े'
जाखड़ ने कहा, मैंने साल 2004 में लोकसभा चुनाव लड़ा। उस समय हरीश चौधरी ने भी मेरे साथ ही चुनाव लड़ा था। उस समय मैं हरीश के प्रचार में गया था। तब हरीश चौधरी ने खुद कहा था कि अशोक गहलोत के मुकाबले कोई आदमी नहीं है। उन्होंने आपको भी टिकट दिया और मुझे भी। आज हरीश चौधरी कह रहे हैं कि अशोक गहलोत तीसरी पार्टी को मदद कर रहे हैं।
'बयान से वोट बैंक पर कोई असर नहीं पड़ेगा'...
पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ ने कहा, बयान से मुझे काफी ठेस पहुंची और दुख हुआ है। हरीश चौधरी को यह बयान शोभा नहीं देता है। उन्हें सोचना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस की वजह से आप इस जगह पर हो। हरीश चौधरी को क्या नहीं दिया। उन्हें पंजाब का प्रभारी बनाया गया, महासचिव बनाया, कैबिनेट मंत्री बनाया। अशोक गहलोत की वजह से हरीश चौधरी को राजनीति में बहुत कुछ मिला और वे आगे बढ़े। उनके इस बयान से जाट वोट बैंक पर कोई असर नहीं पड़ेगा, यह मैं दावे के साथ कह सकता हूं।
क्या कहा था हरीश चौधरी ने...
पंजाब कांग्रेस प्रभारी और बायतु (बाड़मेर) विधायक हरीश चौधरी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हमला बोला था और कहा था कि राजस्थान में एक तीसरी पार्टी भी है जो मुख्यमंत्री की प्रायोजित है। हरीश चौधरी का इशारा बिना नाम लिए हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी की ओर था। पंजाब कांग्रेस प्रभारी एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी चौहटन इलाके के कापराऊ गांव में पूर्व सरपंच स्वर्गीय हरजीराम सेंवर की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। राजनीति के जानकारों का मानना है कि हरीश चौधरी और हनुमान बेनीवाल के बीच छत्तीस का आंकड़ा है।
'दिव्या मदेरणा अपने स्वार्थ के लिए बोलती हैं'...
पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ ने ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा का नाम लेकर कहा, वे कह रही हैं कि अशोक गहलोत ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्देश नहीं माना। वे किस मुंह से ऐसी बात कह रही हैं। उनसे पूछो, जब जिला प्रमुख का वोट हुआ तो उनकी माता ने कहां पर वोट दिया था। दिव्या ने सीएम अशोक गहलोत के बारे में जो भी बोला वह गलत कहा। दिव्या हमेशा लोकसभा चुनाव के समय पार्टी का विरोध करती हैं।
जाखड़ ने कहा, मेरे लोकसभा चुनाव के समय भी विरोध में रहती हैं, वह कौन से दूध की धुली हुई हैं। यह सब लोग अपने स्वार्थ के लिए बोलते हैं। पूर्व सांसद ने कहा, उनसे पूछो कि जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने उस समय मदेरणा कहां थीं। मैं उस समय कमरे में उनके साथ ही बैठा था, उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत की सरकार तीन महीने से ज्यादा नहीं चल सकती।