पाली में जिला न्यायालय के एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद नगर निगम पाली के कार्यालय को सील कर दिया गया, जबकि निगम आयुक्त के वाहन को कुर्क कर न्यायालय की अभिरक्षा में लिया गया। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश की अवहेलना के मामले में की गई, जिसे प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
न्यायालय के आदेश के बाद सेल अमीन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नगर निगम कार्यालय को सील किया और आयुक्त के वाहन को कुर्क कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। वाहन को फिलहाल न्यायालय की अभिरक्षा में रखा गया है।
भूखंड के पट्टे को लेकर शुरू हुआ था मामला
प्रकरण के अनुसार परिवादी विनोद तेजी पुत्र गोपाल, निवासी अशरफो रज़ा कॉलोनी, सोजत रोड, नया गांव पाली, ने अपने भूखंड संख्या 615 का पट्टा जारी कराने के लिए नगर परिषद पाली में आवेदन किया था। लंबे समय तक पट्टा जारी नहीं होने पर उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अरोड़ा के माध्यम से जिला न्यायालय पाली में वाद संख्या 45/2022 “विनोद बनाम नगर परिषद पाली” दायर किया।
मामले की सुनवाई के बाद जिला न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने नगर निगम को एक माह के भीतर परिवादी के पक्ष में पट्टा जारी करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा न्यायालय के आदेश की पालना नहीं की गई।
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इजराय पेश होने के बाद अदालत ने अपनाया सख्त रुख
आदेश की अवहेलना के बाद परिवादी ने वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अरोड़ा और अधिवक्ता ज्योति के माध्यम से न्यायालय में इजराय प्रस्तुत कर नगर निगम की संपत्ति कुर्क करने का निवेदन किया। इसके बाद अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया।
न्यायालय ने तत्काल प्रभाव से नगर निगम कार्यालय की कुर्सियां, टेबल, एसी और आयुक्त के वाहन को कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए। आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल मच गई।
निगम कार्यालय सील, वाहन न्यायालय की अभिरक्षा में
न्यायालय के निर्देश पर सेल अमीन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नगर निगम कार्यालय को सील कर दिया। साथ ही निगम आयुक्त के वाहन को कुर्क कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। फिलहाल वाहन न्यायालय की अभिरक्षा में रखा गया है।