भारत में पाकिस्तानी जासूसों का नेटवर्क तोड़ने के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी सिम कार्ड के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।
दरअसल, भारतीय सीमा में पाकिस्तान मोबाइल नेटवर्क जासूसों के लिए मददगार साबित हो रहा है। पाकिस्तान ने सीमा के आसपास मोबाइल टावर लगा रखे हैं और उनकी फ्रिक्वेंसी इतनी अधिक है कि इनके सिग्नल भारतीय सीमा में कई किलोमीटर तक मिलते है। ऐसे में जासूस पाकिस्तान से लोकर सिम लाकर उसका उपयोग जासूसी के लिए करते हैं। भारतीय जांच एजेंसियों को इनकी जानकारी, तो मिल जाती है, लेकिन उन पर पूरी तरह से मॉनिटरिंग नहीं हो पाती।
पिछले दिनों जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और बाड़मेर में आधा दर्जन से अधिक जासूसों को पकड़ा और इनके पास पाकिस्तान सिमें भी बरामद कीं। इनका उपयोग वे पाकिस्तान में बैठे आकाओं को भारत की रक्षा व सुरक्षा संबंधी सूचनाएं भेजने में करते थे। इस संबंध में ये भी जानकारी आई है कि भारत में पाकिस्तानियों के रिश्तेदार भी रहते हैं, जो अक्सर आपस में बातचीत करते है। इनमें से कुछ को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने अपने जाल में फंसा रखा है।
इन स्थिति को देखते हुए जैसलमेर जिला प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान की लोकल सिम के उपयोग को प्रतिबंधित करने के आदेश दिए है। जैसलमेर जिला कलेक्टर मातादीन शर्मा ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ये आदेश जारी किए है। आदेश में कहा गया है कि इस सिम के उपयोग की मंजूरी भी नहीं दी जाएगी।