एनसीबी के जॉइंट डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने बताया कि गांजा उड़ीसा और आंध्र प्रदेश बॉर्डर के पास के एक गांव से लाया गया था। सोनी ने बताया कि ऑपरेशन 'शंकर' के तहत टीम को जोधपुर में गांजा सप्लाई होने की सूचना मिली थी। टीम ने करीब 22 दिन पहले कोटा से गांजा लेकर आ रहे एक युवक को जयपुर से पकड़ा था। उससे 35 किलो गांजा भी बरामद किया गया था।
युवक ने गांजे की बड़ी खेप जोधपुर भी सप्लाई होना बताया थी। इस पर टीम ने संपूर्ण जानकारी जुटाई तो सामने आया कि जोधपुर में करीब 800 किलो गांजा सप्लाई होने वाला है। टीम को मुखबिर से पता चला कि गुरुवार सुबह 7:30 बजे गांजा लेकर आने वाले हैं। टीम ने सुबह 8:15 बजे जोधपुर के कुड़ी क्षेत्र में गोरा होटल से आगे फिटकासनी के पास पिकअप को रुकवाकर पिकअप की तलाशी ली, जिसमें गांजे के 71 पैकेट मिले। हर पैकेट का वजन 5 किलो था। इस पर ड्राइवर (तस्कर) अनिल कुमार निवासी बिश्नोइयों की ढाणी मोगड़ा कला जोधपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह भी पता चला है कि गांजे की एक खेप तस्कर के रिश्तेदार भागीरथ निवासी मंगल नगर गुडा विश्नोइयां के घर पर रखकर आया है। टीम ने उसके रिश्तेदार के घर दबिश दी और 99 पैकेट बरामद किए। टीम मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों तक किया जाता था सप्लाई
एनसीबी के जॉइंट डायरेक्टर सोनी ने बताया कि तस्कर से पूछताछ में सामने आया कि नशे की खेप उड़ीसा के पुरी, महाराष्ट्र के नासिक से सड़क मार्ग से जोधपुर लाते थे और फिर जोधपुर-नागौर रोड पर स्थित राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों तक सप्लाई किया जाता था।