Jodhpur: एसडीआरएफ की टीम ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से स्टाफ को यह सिखाया कि संकट की घड़ी में बिना घबराए, शांतिपूर्वक किस प्रकार स्थिति को नियंत्रित किया जाए और मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर कैसे पहुंचाया जाए।
कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियों, अग्निशमन विभाग, चिकित्सा विभाग, पुलिस प्रशासन और अन्य सरकारी इकाइयों को सतर्क किया गया है। सभी राज्यों और जिलों में आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता और तैयारी के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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इसी क्रम में मंगलवार को जोधपुर के सबसे बड़े अस्पताल, मथुरादास माथुर अस्पताल (एमडीएम) में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम पहुंची और अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ, डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया।
इस संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसडीआरएफ की टीम ने यह बताया कि यदि अस्पताल में आपदा जैसी कोई स्थिति उत्पन्न होती है, जैसे बम धमाका, आतंकी हमला या आगजनी तो मरीजों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। प्रशिक्षण के दौरान अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित समेत अस्पताल प्रशासन की पूरी टीम मौजूद रही।
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एसडीआरएफ की टीम ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से स्टाफ को यह सिखाया कि संकट की घड़ी में बिना घबराए, शांतिपूर्वक किस प्रकार स्थिति को नियंत्रित किया जाए और मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर कैसे पहुंचाया जाए। टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि अफरा-तफरी और भगदड़ से हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए ऐसे समय में शांति बनाए रखना सबसे ज़रूरी होता है।
प्रशिक्षण के दौरान न केवल अस्पताल का स्टाफ बल्कि वहां मौजूद मरीजों के परिजनों ने भी रुचि दिखाई और यह जाना कि ऐसे हालात में उन्हें क्या करना चाहिए। एसडीआरएफ की टीम ने सभी को जागरूक करते हुए कहा कि आपदा के समय यदि हर व्यक्ति सहयोग करे तो जान-माल का नुकसान काफी हद तक टाला जा सकता है। कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और इसी वजह से देशभर के ज़िलों में इस तरह के आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं ताकि किसी भी स्थिति का डटकर और संगठित रूप से सामना किया जा सके।