शहीद जवान रामचंद्र का किया गया अंतिम संस्कार
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जोधपुर के फलौदी के जवान की जम्मू कश्मीर के सांबा में ट्रेन की छत पर चढ़ने के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। जम्मू से जवान की पार्थिव देह सड़क मार्ग से पैतृक गांव लाई गई, जहां ग्रामीणों ने एंबुलेंस को रोक कर धरना दिया और मृत जवान को शहीद का दर्जा देने की मांग की। धरने के बाद प्रशासन के साथ सहमति बनी और उसके बाद शहीद जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
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जानकारी के अनुसार, सेना के जवान रामचंद्र चौधरी फलौदी के कृष्ण नगर के निवासी थे। वे सोमवार रात आठ बजे जम्मू कश्मीर के बड़ी ब्राह्मणा स्टेशन पर हादसे का शिकार हो गए। रामचंद्र चौधरी सेना के श्रीनगर में टेरिटोरियल आर्मी की बटालियन में तैनात थे। जवान रामचंद्र चौधरी के परिवार में बुजुर्ग माता-पिता दिव्यांग भाई, बहन, पत्नी और ढाई साल की बेटी हैं। रामचंद्र और उनके भाई-बहन की शादी हो चुकी है। रामचंद्र कि शादी 2021 में हुई थी। वे छुट्टियां बिताकर एक महीने पहले ही ड्यूटी पर गए थे।
रामचंद्र चौधरी के निधन की सूचना के बाद इलाके में शोक की लहर छा गई। परिजनों और ग्रामीणों को जब पता चला कि रामचंद्र चौधरी को शहीद का दर्जा नहीं मिला है तो बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए। फिर उन्होंने एंबुलेंस को रोक कर धरना दिया, लंबे धरने के बाद प्रशासन के साथ सहमति बनी और आखिरकार शहीद का दर्जा मिलने के बाद रामचंद्र चौधरी का अंतिम संस्कार किया गया।
रामचंद्र चौधरी श्रीनगर में तैनात थे और टेरिटोरियल आर्मी के जवान थे। रामचंद्र चौधरी के ताऊ की बेटी का आज बुधवार को विवाह था और आज ही रामचंद्र चौधरी की पार्थिव देह उनके घर पहुंची। रामचंद्र की शहादत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
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