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Divya Maderna: ‘कश्मीर के सेब तो ठीक हैं, असली मजा भोपालगढ़ की कबड्डी में’, पूर्व MLA दिव्या का वीडियो वायरल

Fri, 01 Nov 2024 06:38 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

Jodhpur News: ओसियां से पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा का एक विडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में वे अपने विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच एक चौपाल में ग्रामीणों से संवाद कर रही हैं। इसी दौरान उनका दिया हुआ जवाब सोशल मीडिया पर छा गया। पढ़ें पूरी खबर...।
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कांग्रेस नेता सह पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेबाकी और स्पष्टवादिता के लिए जानी जाने वाली जोधपुर के ओसियां से पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। दिवाली के अवसर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ संवाद करते हुए दिव्या ने जम्मू-कश्मीर के अपने हालिया अनुभव साझा किए। प्रभारी के रूप में कश्मीर का दौरा करने के बाद वह हाल ही में राजस्थान लौटी हैं। इस स्नेह मिलन में उन्होंने न सिर्फ कश्मीर के अनुभव बताए, बल्कि अपने क्षेत्र में ग्रामीणों के साथ खुलकर संवाद किया और क्षेत्र के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।

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कश्मीर का अनुभव और स्थानीय जुड़ाव
दिव्या मदेरणा ने ग्रामीणों के सामने अपने कश्मीर दौरे के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कश्मीर में जगह-जगह सेब के बाग हैं, लेकिन दूर के ढोल ही सुहाने लगते हैं। असली मजा तो भोपालगढ़ की कबड्डी में है। दिवाली के अवसर पर कबड्डी का पाला मांडते हुए उन्होंने कहा कि अब तो मैं पाला छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगी। कबड्डी तो खेलनी ही पड़ेगी।
 

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कांग्रेस नेता सह पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
चौपाल में बैठे ग्रामीणों ने दिव्या से आग्रह किया कि वह चार-छह महीने में एक बार सड़कों पर निकलें तो हलचल मच जाएगी। इसका जवाब देते हुए दिव्या ने कहा कि अब चार-छह महीने क्या, मैं पूरे साल ओसियां से भोपालगढ़ तक गांव-गांव नापूंगी। नेता कोई जबरदस्ती नहीं बन सकता, जो ईमानदारी से काम करता है, जनता उसे खुद नेता मानती है।


 
‘भाजपा ने मेरी गाड़ी का घेराव कराया’
दिव्या मदेरणा ने भाजपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि उनके चुनाव के दौरान विरोधियों ने उनकी गाड़ी का घेराव करवाया और धन बल का भी सहारा लिया। उन्होंने कहा कि भोपालगढ़ के लोग पैसों से बिकने वाले नहीं हैं। चुनाव के दौरान मेरे कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा से साथ दिया। अगर मेरी गाड़ी पर हमला न हुआ होता तो मेरे समर्थक या तो मुझे ही वोट देते या वोट करने ही नहीं आते। दिव्या ने साफ किया कि अगर ऐसा कुछ होता तो वह चुनाव को रद्द करवाने के लिए हर संभव प्रयास करतीं।
 
क्षेत्रीय जुड़ाव और जनता से संवाद का संकल्प
दिव्या ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब मैं हर गांव तक पहुंचूंगी। नेता वो होता है जो जनता के दिल में बसता है और ईमानदारी से काम करता है। दिव्या का यह बयान उनके क्षेत्र में सक्रिय बने रहने के उनके संकल्प को दर्शाता है और ग्रामीणों के साथ उनके मजबूत जुड़ाव को और गहरा बनाता है।
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