कांग्रेस नेता सह पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा
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ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
चौपाल में बैठे ग्रामीणों ने दिव्या से आग्रह किया कि वह चार-छह महीने में एक बार सड़कों पर निकलें तो हलचल मच जाएगी। इसका जवाब देते हुए दिव्या ने कहा कि अब चार-छह महीने क्या, मैं पूरे साल ओसियां से भोपालगढ़ तक गांव-गांव नापूंगी। नेता कोई जबरदस्ती नहीं बन सकता, जो ईमानदारी से काम करता है, जनता उसे खुद नेता मानती है।
‘भाजपा ने मेरी गाड़ी का घेराव कराया’
दिव्या मदेरणा ने भाजपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि उनके चुनाव के दौरान विरोधियों ने उनकी गाड़ी का घेराव करवाया और धन बल का भी सहारा लिया। उन्होंने कहा कि भोपालगढ़ के लोग पैसों से बिकने वाले नहीं हैं। चुनाव के दौरान मेरे कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा से साथ दिया। अगर मेरी गाड़ी पर हमला न हुआ होता तो मेरे समर्थक या तो मुझे ही वोट देते या वोट करने ही नहीं आते। दिव्या ने साफ किया कि अगर ऐसा कुछ होता तो वह चुनाव को रद्द करवाने के लिए हर संभव प्रयास करतीं।
क्षेत्रीय जुड़ाव और जनता से संवाद का संकल्प
दिव्या ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब मैं हर गांव तक पहुंचूंगी। नेता वो होता है जो जनता के दिल में बसता है और ईमानदारी से काम करता है। दिव्या का यह बयान उनके क्षेत्र में सक्रिय बने रहने के उनके संकल्प को दर्शाता है और ग्रामीणों के साथ उनके मजबूत जुड़ाव को और गहरा बनाता है।