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Jodhpur News: आवारा कुत्तों व निराश्रित पशुओं पर हाईकोर्ट सख्त, एजेंसियों को दिए कड़े निर्देश

Tue, 12 Aug 2025 07:58 PM IST
जोधपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

एम्स जोधपुर ने 10 अगस्त 2025 को अधिवक्ता प्रियंका बोराना को पत्र भेजकर अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या और मरीजों व स्टाफ पर हमलों की जानकारी दी थी। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और निकायों को समय देते हुए निर्देश दिए कि नगर निगम अगली सुनवाई तक डॉग शेल्टर और गौशालाओं की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट पेश करें।
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राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्यभर में आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं से बढ़ते खतरे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मंगलवार को कई सख्त निर्देश जारी किए। जस्टिस कुलदीप माथुर व जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ के समक्ष न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य, अधिवक्ता प्रियंका बोराना और अधिवक्ता हेली पाठक ने पक्ष रखा।

न्यायमित्र ने दलील दी कि नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों का वैधानिक दायित्व है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण आवारा पशुओं के हमलों और काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इससे न केवल मानव जीवन खतरे में है, बल्कि पर्यटन राज्य की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

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एम्स जोधपुर ने 10 अगस्त 2025 को अधिवक्ता प्रियंका बोराना को पत्र भेजकर अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या और मरीजों व स्टाफ पर हमलों की जानकारी दी थी। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और निकायों को समय देते हुए निर्देश दिए कि नगर निगम अगली सुनवाई तक डॉग शेल्टर और गौशालाओं की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट पेश करें। पशु पकड़ने वाले दल, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ का विवरण भी कोर्ट को दिया जाए। शहर की सड़कों से आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और इस कार्य में बाधा डालने वालों पर संबंधित कानून के तहत एफआईआर दर्ज की जा सके। प्रत्येक नगर निगम हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी करे। पशुओं को भोजन केवल निगम संचालित शेल्टर या गौशालाओं में ही दिया जाए।

इसके अलावा नगर निगम जोधपुर को एम्स और जिला न्यायालय परिसर से तुरंत आवारा पशुओं को हटाने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को भी हाईवे पर नियमित गश्त कर आवारा पशुओं को हटाने के लिए कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।

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