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Jodhpur News: जोजरी नदी प्रदूषण के खिलाफ RLP नेता थानसिंह डोली का धरना, पुलिस ने हिरासत में लिया

Tue, 12 Aug 2025 02:15 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

RLP नेता थानसिंह डोली ने 11 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया, लेकिन 12 अगस्त को सुबह 5 बजे पुलिस ने उन्हें और अन्य ग्रामीणों को बिना अनुमति धरना आयोजित करने के आरोप में हिरासत में ले लिया।
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पुलिस ने संभाला मोर्चा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जोधपुर और बालोतरा जिलों की सीमा से गुजरने वाली जोजरी नदी इन दिनों एक गंभीर पर्यावरणीय संकट का केंद्र बन चुकी है। कभी पीने के पानी और सिंचाई का प्रमुख स्रोत रही यह नदी, अब जोधपुर की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट की वजह से जहरीली धारा में बदल गई है। नदी में बहता काला और बदबूदार पानी खेतों को बंजर कर रहा है, गांवों के तालाब व कुएं प्रदूषित कर रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा पैदा कर रहा है।

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इसी समस्या को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता थानसिंह डोली ने 11 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। उनका कहना था कि जब तक जोधपुर की फैक्ट्रियों से जहरीले पानी का प्रवाह नहीं रोका जाता और प्रभावित गांवों को राहत नहीं दी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, प्रशासन ने इस धरने की अनुमति नहीं दी थी।

धरना स्थल के तौर पर थान सिंह ने जोधपुर-बाड़मेर हाईवे पर स्थित डोली टोल प्लाजा के पास सड़क किनारे जगह चुनी, जहां वे और उनके समर्थक बिना टेंट, बिना मंच के खुले आसमान के नीचे बैठकर विरोध दर्ज करा रहे थे। इस दौरान ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या धरने में शामिल हुई। कई लोग बैनर-पोस्टर और नारेबाजी के जरिए अपनी नाराजगी जता रहे थे।
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सुबह 5 बजे अंधेरे में पुलिस की कार्रवाई
12 अगस्त 2025 की सुबह करीब 5:15 बजे, भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और थानसिंह डोली समेत धरने पर बैठे कई लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिना अनुमति के सड़क किनारे धरना आयोजित करना कानूनन गलत है, और यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया। जैसे ही ग्रामीणों को RLP नेता की हिरासत की खबर मिली, कई लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए और धरना स्थल की ओर बढ़ने लगे। रास्ते में नारेबाजी करते हुए भीड़ जमा होने लगी। कई महिलाओं और बच्चों ने भी पुलिस रोक के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान महिला पुलिस बल की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हुए, क्योंकि ग्रामीण महिलाओं को रोकने के लिए पुरुष पुलिसकर्मियों को आगे आना पड़ा।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
हिरासत में लिए जाने के बाद थानसिंह डोली ने सोशल मीडिया के जरिए प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि, “औद्योगिक इकाइयों को जहरीला पानी छोड़ने की खुली छूट क्यों है? क्या किसानों की जमीन, पानी और स्वास्थ्य की कोई कीमत नहीं?” उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद क्षेत्र में माहौल और गरमा गया। कई लोगों ने इस कदम को जनआंदोलन को दबाने की कोशिश बताया और प्रशासन पर औद्योगिक लॉबी के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।

गांवों में बढ़ रही चिंता
जोजरी नदी के दूषित पानी का असर सिर्फ खेतों पर ही नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस पानी के संपर्क में आने से चर्म रोग, आंखों में जलन, और सांस संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। बरसात के दिनों में नदी का यह जहरीला पानी खेतों से होते हुए घरों तक पहुंच जाता है, जिससे पीने के पानी के स्रोत भी प्रदूषित हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वे इस समस्या को उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करने के बजाय, आवाज उठाने वालों को ही हिरासत में लिया जा रहा है।

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