राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने जोधपुर में बड़ा राजनीतिक एलान करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) में शामिल नहीं होगी। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आरएलपी वर्ष 2028 के राजस्थान विधानसभा चुनाव तीसरे मोर्चे के साथ पूरे प्रदेश में लड़ेगी और भाजपा के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी।
बाड़मेर रवाना होने से पहले बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान की जनता को मजबूत तीसरा विकल्प देने के लिए पार्टी बूथ, गांव और ढाणी स्तर तक संगठन को मजबूत कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में आरएलपी पूरे प्रदेश की सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।
अपने बाड़मेर दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि वे सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ उन लोगों से भी मुलाकात करेंगे, जो कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पूरा देश एकजुट है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है। उनका आरोप था कि कुछ क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई कर मुस्लिम समाज को परेशान किया जा रहा है।
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राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि वास्तविक विपक्ष की भूमिका केवल आरएलपी निभा रही है।
उन्होंने एसआई भर्ती, रीट परीक्षा, पेपर लीक और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) से जुड़े मामलों की सीबीआई जांच की मांग दोहराई। उनका कहना था कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं होने से भाजपा और कांग्रेस की कथित मिलीभगत उजागर होती है।
बेनीवाल ने रिफाइनरी परियोजना में देरी को राजस्थान के लिए आर्थिक नुकसान बताया। साथ ही भाजपा पर विपक्षी दलों को तोड़ने और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में फैसले दिल्ली से लिए जा रहे हैं और राज्य सरकार नौकरशाही के भरोसे चल रही है। उन्होंने जगन गुर्जर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग भी दोहराई।