जोधपुर में एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर राकेश बिश्नोई की मौत के मामले में बिश्नोई समाज ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने के साथ ही अन्य मांगें पूरी करने को लेकर आग्रह किया गया।
जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर राकेश बिश्नोई की मौत का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। एक तरफ जयपुर के एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ जोधपुर में गुरुवार को बिश्नोई समाज ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
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बड़ी संख्या में जोधपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे बिश्नोई समाज के लोगों ने जिला कलेक्टर को डॉक्टर राकेश बिश्नोई की मौत के मामले में ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगे रखीं। बिश्नोई समाज ने मांग की कि राजकुमार राठौर, फार्माकोलॉजिस्ट को हत्या की धाराओं में तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उच्च स्तर पर मामले की जांच की जाए। डॉक्टर राकेश की पत्नी को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए, राकेश बिश्नोई को 2 करोड़ का आर्थिक मुआवजा दिया जाए। आए दिन मेडिकल सेक्टर के डॉक्टर प्रताड़ित होकर अपना जीवन गंवा रहे हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार कठोर कानून बनाए। इस दौरान ज्ञापन देने पहुंचे लोगों में बिश्नोई महासभा के जिला अध्यक्ष नारायण डाबड़ी, पूर्व विधायक मलखान सिंह बिश्नोई, सरस डेयरी चेयरमैन रामलाल बिश्नोई, युवा नेता रामनिवास बुध नगर, राव रिडमल सहित बड़ी संख्या में बिश्नोई समाज के लोग मौजूद रहे।
क्या है मामला?
जोधपुर के एसएन मेडिकल कॉलेज में फार्माकोलॉजी विभाग के तृतीय वर्ष के रेजीडेंट डॉक्टर राकेश बिश्नोई ने 13 जून को सुबह 10:30 बजे सल्फास की गोलियां खा लीं। उन्हें गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत से पहले डॉक्टर राकेश बिश्नोई का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्होंने फार्माकोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष राजकुमार राठौर पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे।
मोर्चरी के बाहर चल रहा धरना
14 जून को राकेश बिश्नोई की मौत के बाद जयपुर के एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना चल रहा है, जिसमें आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल, विधायक अभिमन्यु पूनिया, युवा नेता निर्मल चौधरी और विक्रम सिंह बिश्नोई के नेतृत्व में धरना दिया जा रहा है।