सीकर पहुंचा जोधपुर का ग्रामीण वैज्ञानिक
- फोटो : Amar Ujala Digital
जोधपुर के महज आठवीं पास गणपत सिंह ने 13 ऐसे आविष्कार किए हैं कि हर कोई उनकी प्रतिभा का कायल हो गया है। उनके आविष्कारों में एक ऐसा रोबोट भी है, जो बोरवेल में गिरे बच्चों को आधे घंटे में सकुशल वापस निकाल सकता है। गणपत सिंह अपने आविष्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने के लिए 11 अगस्त को जोधपुर से पैदल ही दिल्ली के लिए निकल चुके हैं। ऐसे में जगह-जगह इस ग्रामीण वैज्ञानिक का स्वागत कर उनका मनोबल बढ़ाया जा जा रहा है।
कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इंडिया के तहत नए इनोवेशन पर जोर दिया था। इसीसे प्रभावित होकर जोधपुर जिले के रोडे जी की ढाणी, कोलू पाबूजी के ग्रामीण युवा ने घर के कबाड़ से कई रोचक आविष्कार कर डाले। 11 अगस्त को अपने गांव से पैदल रवाना होकर यह युवा वैज्ञानिक अपने दल के साथ 650 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकल पड़ा। वे अब दिल्ली पहुंच कर प्रधानमंत्री मोदी को अपने आविष्कार सौंपेंगे।
वैज्ञानिक गणपत सिंह ने बताया कि वह अपने घर पर ही कबाड़ और अन्य तकनीकी संसाधन खरीद कर कुछ नया करने का निश्चय किया। वे लगातार 22 महीनों के अथक प्रयास के बाद 13 ऐसे आविष्कार किए, जो भारतीय सेना सहित अन्य क्षेत्रों में बहुत ही रोचक और उपयोगी सिद्ध होंगे। इस युवा वैज्ञानिक ने कोरोना काल से लेकर अब तक अपने अथक प्रयासों से एक से बढ़ एक कई अविष्कार किए हैं।
ये हैं आविष्कार
- वैज्ञानिक गणपत सिंह ने मानव रहित सेना के लिए रोबोट बनाया है, जो दुश्मनों का खात्मा आसानी से कर सकता है।
- बोरवेल में आए दिन छोटे बच्चों की गिरने की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा रोबोट बनाया है, जो आधे घंटे में बोरवेल में गिरे बच्चे को सकुशल वापस निकाल सकता है।
- दूरदराज इलाकों में रहने वाले आम जनों और विशेषकर सेना के जवानों के लिए एक लीटर पानी से लगभग एक महीने तक लाइट प्रदान करने वाली बैटरी का आविष्कार।
- प्लास्टिक पॉलिथीन मुक्त भारत सहित 13 आविष्कार किए हैं। जिन्हें पैदल यात्रा कर दिल्ली पहुंचकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को अपने दल के साथ इन आविष्कारों को सौपेंगे।
- सीकर पहुंचने पर इस वैज्ञानिक ग्रामीण का जोरदार स्वागत किया गया। शहर के पालवास स्थित करणी माता मंदिर में लोगों ने युवा वैज्ञानिक का मनोबल बढ़ाया।