करीब 900 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई तेज कर दी है। ACB कोर्ट ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए हैं। वहीं इस मामले में आरोपी दलाल पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के करीबी माने जाने वाले संजय बड़ाया को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। वह थाईलैंड में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहा था।
सोमवार को महेश जोशी और संजय बड़ाया को एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। एसीबी ने महेश जोशी की तीन दिन और संजय बड़ाया की पांच दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी। हालांकि कोर्ट ने महेश जोशी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया, जबकि संजय बड़ाया को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। पेशी के दौरान संजय बड़ाया भावुक नजर आया। कोर्ट में उसकी पत्नी नैना बड़ाया भी मौजूद थीं।
कोर्ट में पेशी के दौरान महेश जोशी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और “सत्य की जीत होगी।” उन्होंने एसीबी की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में बताया। जोशी ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त सबूत के एक ही मामले में दोबारा गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने संजय बड़ाया के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर (LOC) पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब वह कोर्ट की अनुमति लेकर विदेश गया था तो उसके खिलाफ LOC जारी करना गलत है।
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जांच एजेंसियों के अनुसार, संजय बड़ाया इस कथित घोटाले का अहम किरदार और कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि वह दलाल और बिचौलिए की भूमिका में काम करता था। उसके खिलाफ पहले से ही लुकआउट नोटिस जारी था। बताया जा रहा है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर उसके पहुंचते ही ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने एसीबी को सूचना दी, जिसके बाद देर रात उसे हिरासत में ले लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि संजय बड़ाया पूर्व मंत्री महेश जोशी के साथ-साथ रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल का भी करीबी था। एजेंसियों का दावा है कि वह पैसों के लेन-देन, ट्रांसफर-पोस्टिंग, नए लोगों को जोड़ने और टेंडरों में कथित गड़बड़ियों में सक्रिय भूमिका निभाता था।
ईडी की जांच में सामने आया कि बड़ाया 2022 तक एक इंश्योरेंस कंपनी में करीब 7 लाख रुपए सालाना वेतन पर नौकरी करता था, लेकिन जेजेएम घोटाले के दौरान उसने करोड़ों की संपत्ति बनाई। जांच एजेंसियों के मुताबिक उसने ‘मैसर्स चमत्कारेश्वर बिल्डर्स एंड डेवलपर’ नाम से कंपनी भी बनाई, जिसमें उसकी पत्नी नैना बड़ाया साझेदार थीं। इस कंपनी के जरिए जयपुर में बड़े स्तर पर प्रॉपर्टी कारोबार और कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जेडीए जमीनों पर कब्जे की कोशिशों के आरोप भी सामने आए हैं।
इस मामले में एसीबी पहले ही 9 अप्रैल को तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल जेल में हैं। वहीं, महेश जोशी को 7 मई को गिरफ्तार किया गया था।