राजस्थान के झुंझुनूं जिले में बगड़ थाना क्षेत्र के इस्लामपुर कस्बे में बुधवार को भारत बंद के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी-एसटी आरक्षण को लेकर दिए गए फैसले के विरोध में भारत बंद के तहत रैली निकाली गई थी। रैली से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
बता दें कि सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है, रैली में शामिल एक शख्स ने लोगों से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाए। हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है। जैसे ही यह वीडियो पुलिस प्रशासन के पास पहुंचा तो उनके भी होश उड़ गए। पुलिस ने पूरे मामले की सक्रियता से पड़ताल में जुट गई। हालांकि, शाम होते-होते झुंझुनूं जिला पुलिस के संबंधित थाना प्रभारी ने वायरल वीडियो के संबंध में बयान दिया है। थाना प्रभारी ने कहा, नारे लगाने वाले की पहचान कर ली गई है। नारा लगाने वाला इस्लामपुर कस्बे का उप सरपंच रविन्द्र गर्वा है।
उप सरपंच ने क्या बताया
पूछताछ में उप सरपंच ने बताया, उसने तेज आवाज में भारतीय संविधान जिंदाबाद के नारे लगाए थे। लेकिन पता नहीं कैसे बदले हुए सुनाई दे रहे हैं। नारे लगाने वाले व्यक्ति के हवाले से पुलिस ने बताया, अगर इसको रिपीट करके गौर से सुनेंगे तो स्पष्ट हो जाएगा कि उसने भारतीय संविधान जिंदाबाद के ही नारे लगाए थे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वीडियो को साइबर टीम के पास जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस जांच के बाद पूरे मामले में उचित कार्रवाई करेगी।
इधर आरोपित उप सरपंच रविन्द्र गर्वा ने मीडिया से कहा, उसने भारतीय संविधान जिंदाबाद के नारे लगाए थे। मैं भी भारतीय हूं और हिंदू हूं। मैं कोई पाकिस्तान का नहीं हूं। हमारे इस्लामपुर में सभी की सौहार्दपूर्ण भावना रही है। चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान अथवा किसी अन्य जाति का हो। रविन्द्र ने इस प्रकार के नारे लगाने की बात से इनकार करते हुए कहा, अगर फिर भी किसी को मेरी भाषा से ठेस पहुंची हो तो उसके लिए क्षमा प्राथी हूं।
बताते चलें, रैली के दौरान मौजूद ग्राम पंचायत सरपंच आमिन मनियार ने भी मीडिया से कहा कि ऐसे नारे नहीं लगाए थे। उन्हें लगता है कि किसी ने माहौल खराब करने के गलत उद्देश्य को लेकर वीडियो एडिट कर वायरल कर दिया है। उन्होंने एडिट करने वाले व्यक्ति को तलाशने की बात पर जोर दिया।