पॉक्सो एक्ट का गलत इस्तेमाल कर लोग आपसी रंजिश के चलते एक्ट में झूठे मामले दर्ज करा रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार बीते तीन सालों में 42 ऐसे मामले पुलिस के पास दर्ज हुए हैं, जो कि पुलिस जांच में गलत निकले।
डीएसपी शंकरलाल के अनुसार 1 जनवरी 2021 से दिसंबर 2023 तक झुंझुनू में 42 झूठे प्रकरण दर्ज किए गए, जिन्हें पुलिस जांच में गलत पाया गया। लोग जमीनी विवाद, पड़ोसी से झगड़ा या किसी से रंजिश निकालने के लिए झूठी एफआईआर दे रहे हैं, जबकि जांच में मामला कुछ और निकलता है। आंकड़ों का अध्ययन किया जाए तो जिले में हर वर्ष 15 से ज्यादा प्रकरण गलत दर्ज कराए गए हैं, जो जांच में झूठ पाए गए।
उनका कहना है कि पुलिस हालांकि पॉक्सो एक्ट में बहुत बारीकी से मामले की जांच करती है, इनमें कुछ मामले पूरी तरह झूठे पाए जाते हैं। झूठी एफआईआर के मामले में झुंझुनू शेखावाटी क्षेत्र में तीसरे नंबर पर है, यहां 42 मामले झूठे पाए गए हैं। सीकर में 157 और चूरू में 75 मामले झूठे पाए गए।