झुंझुनूं सांसद नरेंद्र कुमार ने संसद में यमुना नहर का पानी झुंझुनूं लाने की मांग उठाई है। एमपी नरेंद्र कुमार ने नियम 377 के तहत यमुना नहर समझौते से सांसद को अवगत करवाया। उन्होंने संसद को अवगत करवाया कि उनके संसदीय क्षेत्र झुंझुनूं में गिरते भू-जल स्तर के कारण सिंचाई लगभग बंद हो चुकी है।
झुंझुनूं जिला कृषि आधारित जिला है, यहां कुओं का पानी सूख रहा है। पीने के पानी का भी संकट खड़ा हो रहा है। यमुना नहर का पानी झुंझुनूं जिले में लाने के लिए राजस्थान के सिंचाई विभाग ने यमुना नदी के ताजेवाला हेड से आवंटित जल पर 27 अक्तूबर 2020 को केंद्रीय जल आयोग के साथ हुई वीसी में परियोजना को दो चरणों में लेने का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत पेयजल के लिए प्रथम चरण में कार्य किया जाएगा। सिंचाई के लिए परियोजना का कार्य दूसरे चरण में किया जाएगा।परियोजना की डीपीआर केंद्रीय जल आयोग को आठ जनवरी 2021 को प्रेषित कर दी गई है।
डीपीआर के अनुसार, प्रथम चरण की लागत 14204.81 करोड़ रुपये एवं द्वितीय चरण की लागत राशि 17162.04 करोड़ रुपये कुल लागत राशि 31366.86 करोड़ आंकी गई है। कई बार इसके लिए उच्च स्तरीय बैठक भी हुई, लेकिन परिणाम शून्य है। सांसद ने कहा कि सरकार से अनुरोध करना चाहता हूं कि राजस्थान के झुंझुनूं जिले को जल्द से जल्द यमुना नहर के ताजेवाला हेड पानी दिलवाया जाए। नहीं तो झुंझुनूं जिले में पानी का भारी संकट खड़ा हो सकता है।