उदयपुरवाटी उपखंड के मावता गांव की एक विवाहिता अपने पति के साथ जाना चाहती थी। रोज अपने पति से मोबाइल पर उसे ले जाने की बात भी करती थी। उसके पीहरवाले उसे पति के साथ भेजने को राजी नहीं थे। पैसे लेकर दूसरे व्यक्ति के साथ भेजना चाहते थे।
उदयपुरवाटी उपखंड के मावता गांव की विवाहिता जब जाने की जिद करने लगी तो पीहरवालों ने मारपीट कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद बिना पोस्टमार्टम के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जब इस बात की जानकारी होने पर पति ने सास-ससुर सहित पीहर के सात लोगों के लिखाफ मेहाड़ा पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया।
मावता (उदयपुरवाटी) निवासी रतनलाल बंजारा की ओर से पुलिस थाने में दी गई रिपोर्ट के अनुसार उसकी शादी 10 मार्च 2016 को डाडा फतेहपुरा की सुमन पुत्री जगदीश के साथ संपन्न हुई थी। विवाह के बाद उसकी पत्नी सुमन का अपने ससुराल आना-जाना रहता था। कुछ माह पहले उसकी पत्नी सुमन अपने पिता के साथ पीहर गई हुई थी। तब से पीहर में ही रह रही थी। सुबह-शाम वह रोजाना फोन पर उससे बात करती थी।
पैसे लेकर दूसरे व्यक्ति के साथ भेजना चाहते थे
ससुराल वाले उसकी पत्नी को रुपये लेकर किसी अन्य व्यक्ति के साथ विवाह कर भेजने के लिए का दबाव बना रहे थे। विवाहिता की ओर से अपने पति को बताने पर समाज की कई बार बैठकें भी हुईं। 25 अप्रैल 2024 को जगदीश, धन्नी देवी, वकील ठाकुर, मामचंद, मूला, सजना, बलवीर उर्फ सडया राम ने एकराय होकर उसकी पत्नी सुमन को दूसरी जगह भेजने का दबाव बनाया, जबकि सुमन अपने पति के साथ मावता में रहना चाहती थी। इससे नाराज ससुरावालों ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट कर हत्या कर दी।
बिना पोस्टमार्टम के शव जलाया, सबूत नष्ट किए
सुबह पत्नी की मौत की सूचना मिलने पर पति अपने परिजन को लेकर डाडा फतेहपुरा पहुंचा। उस वक्त उक्त उसकी पत्नी के शव को जलाने के लिए श्मशान घाट लेकर चले गए थे। वो उसके साथ आए लोगों ने मृतका सुमन के शव का पोस्टमार्टम करवाने को कहा तो उन लोगों ने उनके और उनके साथ आए लोगों के साथ मारपीट की। इस पर मेहाड़ा पुलिस थाने में फोन भी किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन लोगों ने उसकी पत्नी के शव को बिना पोस्टमार्टम करवाएं जलाकर सबूत भी नष्ट कर दिए।