भाजपा प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार के लिए जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा जीत की गारंटी माना जा रहा है, वहीं अब तक के इतिहास में शेखावाटी में जहां भी मोदी जी ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार किया, वहां प्रत्याशी को हार का स्वाद चखना पड़ा। ऐसे में इसे संयोग कहे या कुछ और लेकिन लगता है मोदी का पगफेरा शेखावाटी को रास नहीं आ रहा।
वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शेखावाटी में चुनावी सभा करना और वहां प्रत्याशी का हारना मिथक माना जा सकता है। लेकिन यदि गौर करें तो देखेंगे कि 2018 के विधानसभा चुनाव में पीएम ने शेखावाटी के सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी दिनेश जोशी और झुंझुनू जिले में खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी इंजी. धर्मपाल गुर्जर के समर्थन में चुनावी सभा की थी, दोनों ही सीटों पर विपरीत परिणाम आए और भाजपा प्रत्याशी चुनाव हार गए।
इसी प्रकार हालिया विधानसभा चुनावों में भी पीएम मोदी ने शेखावाटी में चूरू जिले की तारानगर सीट और झुंझुनू विधानसभा सीट पर चुनावी सभा की थी लेकिन तारानगर से भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ चुनाव हार गए और झुंझुनू से निषित कुमार उर्फ बबलू चौधरी को भी हार का सामना करना पड़ा।
ऐसे में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शेखावाटी दौरा एक नए मिथ को जन्म दे रहा है। अब शेखावाटी में लोकसभा चुनावों को लेकर चुरू और झुंझुनू में क्रमश: देवेन्द्र झाझड़िया और शुभकरण चौधरी के पक्ष में हुई सभा क्या गुल खिलाती है, देखना होगा।