झुंझुनूं कलेक्टर सभागार में जिला स्तरीय जनसुनवाई की गई। इस दौरान 42 परिवाद सुने गए। अधिकारियों पर सख्त टिप्पणी करते हुए कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने कहा, अधिकारी अपने कार्य के प्रति गंभीर हों। कई मामलों का पहले ही निस्तारण हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ।
बता दें कि सभागार में गुरुवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई हुई। जनसुनवाई में 42 परिवाद सुने गए। इनमें से अधिकतर मामले रास्ते, पानी और पेंशन से जुड़े हुए थे। कलेक्टर गोपाल ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही वीसी के दौरान ही समस्याओं पर लिए गए एक्शन की रिपोर्ट मांगी।
उन्होंने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में आए हुए बहुत सारे मुद्दों का ब्लॉक स्तर पर ही समाधान हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि परिवादियों की समस्याओं को गंभीरता से लें और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सभी पटवारी, एसडीएम तहसीलदार, वीडियो अपना कार्य ठीक से करते हुए समाधान करें।
जिला कलेक्टर ने समस्याओं का रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि भूमि विवाद या रास्ते से संबंधित प्रकरणों में जो निर्णय, आदेश पारित होते हैं उन्हें संबंधित अधिकारी कर्मचारी उसकी तुरंत पालन करवाना सुनिश्चित करें। ताकि पीड़ित को राहत मिल सके और प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। जनसुनवाई में जिला कलेक्टर ने चूड़ी चतरपुरा में पुरानी पेयजल पाइप लाइन को बदलने की मांग के परिवाद पर जलदाय विभाग के एसई को तुरंत पाइप लाइन बदलने के निर्देश दिए।
इसी तरह नगर पालिका गुढ़ागौड़जी में साफ-सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति की शिकायत पर भी जिला कलेक्टर ने तहसीलदार को निरीक्षण कर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भी वीसी के जरिए जुड़े रहे। इसके अलावा मुख्य सचिव सुधांश पंत भी कुछ समय के लिए जुड़े रहे और आवश्यक निर्देश दिए।