राजस्थान में पीटीआई भर्ती 2022 के दौरान फर्जी डिग्रियों के जरिए नौकरी पाने वालों के खिलाफ एसओजी (विशेष अभियान समूह) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 165 अभ्यर्थियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। इन पर उत्तर प्रदेश की जेएस यूनिवर्सिटी और एक अन्य निजी यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियों से नौकरी हासिल करने का आरोप है। जालौर जिले के 14 अभ्यर्थियों के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं, जिनमें से कई को बर्खास्त कर दिया गया है, कुछ की नियुक्तियां रोकी गई हैं और कुछ को अब तक पोस्टिंग नहीं मिली।
कैसे खुला फर्जीवाड़ा का राज
एसओजी ने जांच के दौरान जेएस यूनिवर्सिटी के सर्वर ऑपरेटर मोहित गुप्ता से सर्वर लॉगिन करवा कर मूल डेटा का बैकअप लिया। विश्लेषण में सामने आया कि बीपीएड कोर्स के लिए यूनिवर्सिटी को 2017 से 2022 के बीच हर साल सिर्फ 100 सीटों की मान्यता मिली थी, यानी कुल 400 छात्रों को ही डिग्री मिल सकती थी। इसके बावजूद 2022 की पीटीआई भर्ती में 2082 अभ्यर्थियों ने इसी यूनिवर्सिटी की डिग्री लगाई।
आवेदन में हेरफेर के कई मामले उजागर
एसओजी की जांच में यह भी सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने भर्ती के समय डिप्लोमा दर्शाया और चयन के बाद डिग्री जमा करवाई। कुछ ने अन्य यूनिवर्सिटी का नाम दिया लेकिन बाद में जेएस यूनिवर्सिटी की डिग्री लगा दी। यहां तक कि 43 डिग्रियां ऐसी पाई गईं जो भर्ती की अंतिम तिथि के बाद जारी की गई थीं।
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जालौर जिले के ये अभ्यर्थी फर्जी डिग्री के आरोपी
जालोर जिले से 14 पीटीआई अभ्यर्थियों पर फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी पाने का आरोप है:
- आशीष सुथार (मालवाड़ा, चितलवाना) – 2019 की डिग्री, सेवा से बर्खास्त (जनवरी 2025)
- इंदुबाला (जैता की नाड़ी, चितलवाना) – 2022 की डिग्री, जोधपुर में नियुक्ति
- मैनका कुमारी (गुंदाऊ, सरनाऊ) – 2021 की डिग्री, प्रावा गांव में नियुक्ति
- नरेश कुमार (शेरणियों की ढाणी, चितलवाना) – चयनित लेकिन नियुक्ति नहीं
- विक्रम कुमार (वाडा भाडवी, बागोड़ा) – 2019 की डिग्री, बर्खास्त (जनवरी 2025)
- महेंद्र कुमार (सेडिया, सरनाऊ) – 2020 की डिग्री, बर्खास्त
- रमेश कुमार (खारा, सांचौर) – डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाने का आरोप
- एलची (पालड़ी सोलंकियान, सांचौर) – नौकरी पहले रोकी गई, फिर नियुक्ति, अब बर्खास्त
- जालाराम (मेघावा, वीरावा) – 2022 की डिग्री, गांव में ही नियुक्ति
- नरेंद्र कुमार (करावड़ी, सांचौर) – 2023 में नियुक्ति
- भगवत सिंह (नून, जालोर) – 2021 की डिग्री, सेवा से हटाया गया
- प्रकाश कुमार (बागरा स्टेशन) – 2021 की डिग्री, चूरा में नियुक्ति
- अशोक कुमार (सांकड़) – 2022 की डिग्री, मैत्रीवाड़ा में नियुक्ति
- विजेंद्र खुड़खुडिया (मुडवा, जालोर) – चयनित, लेकिन पोस्टिंग नहीं मिली
एसओजी अब दस्तावेजों, सर्वर डेटा और यूनिवर्सिटी की भूमिका का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और नाम सामने आ सकते हैं, जिससे कार्रवाई का दायरा और बढ़ेगा।