भारत छोड़ने के आदेश से दुखी पाकिस्तानी दुल्हनें और उनका परिवार
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जोधपुर जोन के खुफिया पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) अजय सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि दोनों महिलाओं को पहले भारत छोड़ने का नोटिस दिया गया था, लेकिन दस्तावेजों और मानवीय अपील को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय से मार्गदर्शन मांगा है। जब तक आदेश नहीं आता, तब तक दोनों महिलाएं अपने पतियों के साथ जैसलमेर में रह सकती हैं।
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राजस्थान सरकार की अपील, केंद्र का फैसला लंबित
राजस्थान के गृह विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक औपचारिक पत्र भेजकर दोनों पाकिस्तानी दुल्हनों के मामले में विशेष अनुमति और मार्गदर्शन की मांग की है। विभाग का कहना है कि यह मामला मानवीय दृष्टिकोण से देखने योग्य है, और विवाह एक वैध सामाजिक एवं धार्मिक संस्था है जिसे केवल राजनीतिक या कूटनीतिक संबंधों की भेंट नहीं चढ़ाया जा सकता।
वहीं, कानून विशेषज्ञों का कहना है कि अगर केंद्र सरकार चाहे तो इन दुल्हनों को लंबी अवधि का वीजा या नागरिकता की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे सकती है, बशर्ते सुरक्षा एजेंसियों की जांच में कोई आपत्ति न हो।
जैसलमेर के स्थानीय लोग भी इस मुद्दे को लेकर भावुक हैं। मोहल्ले के लोग परिवारों के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन ये दो औरतें हमारे घरों की बहुएं हैं। उन्हें बेघर करना अमानवीय होगा।